ज्ञानेश कुमार पर 2 करोड़ मांगने का आरोप, केरल में अब होगी विजिलेंस जांच

INDIA NEWS(India 365 news): मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर केरल से एक पुराना मामला फिर चर्चा में आ गया है। केरल सरकार ने ज्ञानेश कुमार विजिलेंस जांच को मंजूरी दे दी है। उन पर आरोप है कि करीब 20 साल पहले जब वह केरल में लोक निर्माण विभाग यानी PWD के सचिव थे तब एक सड़क परियोजना का भुगतान जारी करने के बदले 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। अब राज्य का सतर्कता विभाग इस मामले की जांच करेगा।
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की कानूनी राय ली गई थी। अधिकारियों की तरफ से भी जांच की अनुमति मांगी गई थी। मुख्यमंत्री से बातचीत और कानूनी सलाह मिलने के बाद सरकार ने जांच को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी।
पूरा मामला केरल की एक सड़क परियोजना से जुड़ा है। उस समय तिरुवनंतपुरम से अंगमाली तक मेन सेंट्रल रोड के विकास का काम चल रहा था। इस परियोजना में PATI BEL नाम का एक कंसोर्टियम काम कर रहा था जिसमें मलेशिया और केरल की कंपनियां शामिल थीं। परियोजना को एशियन डेवलपमेंट बैंक से भी आर्थिक मदद मिल रही थी।
इस मामले में सज्जन कुमार नाम के एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि परियोजना के बिलों का भुगतान लंबे समय तक रोका गया था। उनका दावा है कि तत्कालीन PWD सचिव ज्ञानेश कुमार ने भुगतान जारी करने के बदले मलेशियाई इंजीनियर ली सी बीन से 2 करोड़ रुपये मांगे थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक इस वजह से कंपनी और उससे जुड़े ठेकेदारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा था।
बताया गया है कि इस मामले में दो शिकायतें सामने आई हैं। एक शिकायत एमवी अनूप गोपाल और दूसरी सज्जन कुमार की तरफ से दी गई है। अब विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो शिकायतों में लगाए गए आरोपों और उनसे जुड़े तथ्यों की जांच करेगा।
हालांकि अभी तक ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए रिश्वत मांगने के आरोप साबित नहीं हुए हैं। जांच में ही पता चलेगा कि शिकायत में कितनी सच्चाई है और इस पुराने मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
