
NEW DELHI NEWS(India 365 news): दिवाली से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने बिजली के क्षेत्र में एक बड़ा फैसला लिया है। एनर्जी स्टोरेज योजना के तहत केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14500 करोड़ रुपये की वायबिलिटी गैप फंडिंग यानी VGF योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना का मकसद देश में बिजली को स्टोर करने की व्यवस्था को मजबूत करना है ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों और उद्योगों को बिजली की कमी का सामना न करना पड़े।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार आने वाले सालों में देश की बिजली व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत बनाने की तैयारी कर रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रिड स्तर पर बड़े पैमाने पर एनर्जी स्टोरेज सिस्टम तैयार करने की योजना बनाई गई है।
इस योजना के तहत देशभर में 92 गीगावाट ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सरकार की तरफ से 14500 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से शुरू होकर 2030-31 तक लागू रहेगी। यानी अगले पांच साल के दौरान इस दिशा में बड़े स्तर पर काम किया जाएगा।
अब सवाल यह है कि आखिर बिजली स्टोर करने की जरूरत क्यों पड़ रही है। दरअसल देश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। गर्मी के दिनों में एयर कंडीशनर और दूसरे उपकरणों के इस्तेमाल से बिजली की खपत काफी बढ़ जाती है। इसके अलावा सौर और पवन ऊर्जा से मिलने वाली बिजली हर समय एक जैसी नहीं रहती। दिन में सोलर पैनल से ज्यादा बिजली बनती है लेकिन रात में उत्पादन नहीं होता। ऐसे में अतिरिक्त बिजली को बैटरी या दूसरे स्टोरेज सिस्टम में जमा करके जरूरत के समय इस्तेमाल किया जा सकता है।
सरकार की इस योजना से बड़े एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। VGF के जरिए उन परियोजनाओं को आर्थिक सहारा दिया जाएगा जिनमें शुरुआती लागत ज्यादा होने के कारण निवेश करना मुश्किल होता है।
सरकार का मानना है कि इस कदम से देश की बिजली व्यवस्था ज्यादा भरोसेमंद और मजबूत बनेगी। साथ ही आने वाले समय में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने और नवीकरणीय ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल करने में भी मदद मिलेगी।
