
DELHI NEWS (India 365 news): दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस Delhi Building Collapse हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की खबर सामने आई है। वहीं कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
जानकारी के मुताबिक यह हादसा गली सत्तारा के शीश महल इलाके में मेट्रो स्टेशन के सामने हुआ। दमकल विभाग को सुबह करीब 9 बजकर 50 मिनट पर इमारत गिरने की सूचना मिली थी। खबर मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके के लिए रवाना कर दी गईं। शुरुआत में कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त गाड़ियां और अधिकारी भी भेजे गए।
दमकल विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक हादसे के समय इमारत में कई लोग मौजूद हो सकते थे। कम से कम 15 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि कुल कितने लोग इस हादसे की चपेट में आए हैं। मौके पर दमकल विभाग की छह गाड़ियां मौजूद हैं और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इमारत में निर्माण का काम चल रहा था। सुबह करीब 10 बजे अचानक पूरी बिल्डिंग नीचे आ गिरी। हादसे के बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई। चावड़ी बाजार की गलियां काफी संकरी हैं। ऐसे में राहत और बचाव टीमों को भारी मशीनें और दूसरे जरूरी सामान मौके तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है। फिलहाल बचाव दल की पहली कोशिश मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है।
गौर करने वाली बात यह है कि दिल्ली में पहले भी इस तरह का बड़ा हादसा हो चुका है। इससे पहले 6 सितंबर को सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिर गई थी। उस इमारत में पीजी चल रहा था और हादसे में सात लोगों की जान चली गई थी। मरने वालों में ज्यादातर दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र थे।
उस घटना के बाद कमजोर और खतरनाक इमारतों की पहचान करने के लिए अभियान भी चलाया गया था। लेकिन चावड़ी बाजार की इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली में पुरानी और निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें बचाव अभियान और हादसे की जांच पर टिकी हैं।
