
UTTAR PARDESH NEWS(India 365 news): उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल अभी से तेज होने लगी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वाराणसी दौरे के दौरान ऐसा बयान दिया है जिसने यूपी की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अखिलेश यादव ने साफ कहा कि वह इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे बल्कि सीधे सांसद से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
अखिलेश यादव का कहना है कि इससे पहले भी वह विधानसभा चुनाव लड़े बिना मुख्यमंत्री बने थे और उनके लिए यह शुभ रहा था। इसी वजह से इस बार भी वह इसी रास्ते पर आगे बढ़ना चाहते हैं। उनके इस बयान के बाद अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है कि समाजवादी पार्टी 2027 के चुनाव में किस रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी।
वाराणसी में अखिलेश यादव ने सिर्फ चुनाव लड़ने को लेकर ही बात नहीं की बल्कि सरकार बनने पर काशी के विकास को लेकर भी कई वादे किए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वाराणसी में मेट्रो चलाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके साथ ही वरुणा नदी को साफ और स्वच्छ बनाने का भी भरोसा दिया।
किसानों के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में किसानों को उचित मुआवजा देने का काम किया गया था और आगे भी किसानों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
इसके अलावा अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री के आश्रम को लेकर भी बयान दिया और वहां बुलडोजर चलाने की मांग की। उनके इस बयान से एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा होने की संभावना है।
अखिलेश यादव ने बीजेपी के मंत्रियों को लेकर भी दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कई मंत्रियों के टिकट कट सकते हैं। हालांकि इस दावे पर बीजेपी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है यह देखना बाकी है।
फिलहाल अखिलेश यादव के इस बयान ने यूपी की राजनीति में चुनावी चर्चा को और तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी की रणनीति क्या रहती है और जनता उनके इन वादों पर कितना भरोसा करती है।
