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पंजाब में GAMADA की कार्रवाई पर AAP सांसद कंग ने उठाए सवाल, बोले- नियम सभी के लिए समान हों

पंजाब में अवैध निर्माण के खिलाफ GAMADA की कार्रवाई अब सियासी सवालों के घेरे में आ गई है। आम आदमी पार्टी के अपने सांसद मालविंदर सिंह कंग ने गांव सैनी माजरा पहुंचकर लोगों की शिकायतें सुनीं और कार्रवाई में कथित भेदभाव पर अधिकारियों से जवाब मांगा।

सैनी माजरा पहुंचे सांसद कंग

आनंदपुर साहिब से AAP सांसद मालविंदर सिंह कंग गांव सैनी माजरा में अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई का जायजा लेने पहुंचे। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि GAMADA की कार्रवाई में समानता नहीं बरती जा रही।

मौके पर कंग ने प्रभावित लोगों से बातचीत की और उनकी शिकायतें सुनीं। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के रवैये पर भी सवाल उठाए।

हाईकोर्ट के आदेश का दिया गया हवाला

कंग ने कहा कि उन्हें अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेशों के तहत की जा रही है। इसी वजह से वह मौके की वास्तविक स्थिति समझने पहुंचे हैं।

सांसद ने कहा कि लोगों की शिकायतों को वह मुख्यमंत्री भगवंत मान के माध्यम से सरकार तक पहुंचाएंगे। उन्होंने माना कि GAMADA की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों के बीच कई तरह की शिकायतें हैं।

‘सभी की दुकानें तोड़ो या किसी की भी नहीं’

कंग ने कार्रवाई के तरीके पर सबसे बड़ा सवाल समानता को लेकर उठाया। उन्होंने कहा कि अगर कोई निर्माण अवैध है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन नियम सभी लोगों के लिए एक जैसे होने चाहिए।

उनका कहना था कि गरीब और दिहाड़ीदार लोगों की दुकानों पर कार्रवाई हो और प्रभावशाली लोगों के निर्माण छोड़ दिए जाएं, यह स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि सभी निर्माण अवैध हैं तो सभी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

पंजाब में GAMADA की कार्रवाई पर AAP सांसद कंग ने उठाए सवाल, बोले- नियम सभी के लिए समान हों

पैसे लेकर कार्रवाई रोकने के आरोप

सांसद कंग ने GAMADA अधिकारियों पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की ओर से यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि पैसे लेकर कुछ दुकानों या निर्माणों को कार्रवाई से बचाया गया।

कंग ने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने रात करीब 11 बजे GAMADA के प्रमुख से फोन पर बातचीत भी की थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

गरीब परिवारों की परेशानी का मुद्दा

कंग ने कहा कि कई गरीब परिवार छोटी दुकानों के सहारे अपना घर चला रहे हैं। ऐसे में कार्रवाई के दौरान मानवीय दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता की अपेक्षा जताई और संकेत दिया कि कार्रवाई के मानदंड स्पष्ट होने चाहिए, ताकि किसी भी व्यक्ति को भेदभाव की शिकायत का मौका न मिले।

अब सरकार के सामने बड़ी चुनौती

GAMADA की कार्रवाई को लेकर AAP सांसद की खुली नाराजगी ने सरकार के सामने प्रशासनिक पारदर्शिता का सवाल खड़ा कर दिया है। एक ओर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को कानून के पालन के तौर पर देखा जा रहा है, तो दूसरी ओर प्रभावित लोग समान कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

अब यह देखना अहम होगा कि सरकार और संबंधित अधिकारी इन शिकायतों की जांच कैसे करते हैं। कानून तभी प्रभावी माना जाएगा, जब उसका इस्तेमाल हर व्यक्ति के लिए समान और पारदर्शी तरीके से हो।

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