नमोभारत चलने के बाद भी दिल्ली रोड पर जाम, 11 किमी का सफर शाम में 45 मिनट

मेरठ की दिल्ली रोड पर नमोभारत की सुविधा शुरू होने के बावजूद सड़क यातायात की रफ्तार नहीं सुधरी। अतिक्रमण, जलभराव, अव्यवस्थित ई-रिक्शा, रोडवेज बसों के सड़क पर रुकने और कमजोर ट्रैफिक प्रबंधन ने हजारों यात्रियों की रोजमर्रा की परेशानी बढ़ा दी है।
नमोभारत के बावजूद सड़क पर रफ्तार सुस्त
दिल्ली रोड पर नमोभारत का संचालन शुरू होने के बाद उम्मीद थी कि सड़क पर वाहनों का दबाव कम होगा। लेकिन जमीनी तस्वीर कुछ और ही नजर आती है। परतापुर इंटरचेंज से बेगमपुल तक करीब 11 किलोमीटर की दूरी तय करने में 34 मिनट लग रहे हैं। शाम के समय यही सफर करीब 45 मिनट तक पहुंच जाता है।
बेगमपुल से शापरिक्स माल तक लगभग सात किलोमीटर की दूरी भी करीब 26 मिनट में पूरी हो रही है। शाम को समय और बढ़ जाता है।
बेगमपुल से सोतीगंज तक परेशानी
बेगमपुल चौराहे पर साईं मंदिर के सामने ऑटो और ई-रिक्शा की कतारें यातायात को प्रभावित करती हैं। रोडवेज बसें भी सड़क पर रुककर यात्रियों को बैठाती हैं।
बेगमपुल से सोतीगंज तक सड़क किनारे चल रही खोदाई के कारण वाहनों की गति और कम हो जाती है। नतीजा यह कि वाहन चालक लगातार रेंगते ट्रैफिक में फंसते रहते हैं।

भैंसाली बस स्टैंड पर भी हालात खराब
भैंसाली बस स्टैंड के आसपास सड़क पर बसों के खड़े होने और अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या बनी रहती है। भैंसाली से जली कोठी के बीच सड़क और डिवाइडर की खराब स्थिति भी यातायात संचालन में बाधा बन रही है।
यहां पुलिस की प्रभावी मौजूदगी नहीं होने से समस्या और बढ़ जाती है।
अतिक्रमण ने बिगाड़ी यातायात व्यवस्था
भूसा मंडी से रेलवे रोड चौराहे तक दोनों ओर अतिक्रमण यातायात के लिए बड़ी बाधा बना हुआ है। रेलवे रोड चौराहे पर पुलिसकर्मियों और होमगार्ड की तैनाती के बावजूद वाहनों की लंबी कतारें दिखाई देती हैं।
वहीं मेट्रो प्लाजा के आसपास बड़ी संख्या में ऑटो और ई-रिक्शा खड़े रहते हैं। इससे सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम हो जाती है और आसपास मौजूद पुलिस चौकी तक आसानी से नजर नहीं आती।
दिल्ली चुंगी से ट्रांसपोर्ट नगर तक रेंगता ट्रैफिक
दिल्ली चुंगी से ट्रांसपोर्ट नगर चौकी तक सड़क संकरी और कई जगह खराब है। जगदीश मंडप के सामने वाहनों की लाइन आम बात हो गई है। सुबह करीब 10 बजे और शाम छह बजे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
ट्रांसपोर्ट नगर गेट के पास माधवपुरम से आने वाले वाहनों के कारण नया चौराहा जैसी स्थिति बन जाती है। यहां पर्याप्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती जरूरी बताई जा रही है।
मेवला पुल से शापरिक्स माल तक सबसे ज्यादा परेशानी
करीब डेढ़ किलोमीटर के हिस्से में जलभराव और विपरीत दिशा से आने वाले वाहन यातायात की मुश्किल बढ़ाते हैं। सुबह और शाम यहां से गुजरना सबसे चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इस छोटे से हिस्से को पार करने में 10 से 15 मिनट तक लग रहे हैं।
एसएसपी ट्रैफिक राजेश श्रीवास्तव के मुताबिक मेवला पुल से शापरिक्स माल तक नाले का पानी सड़क पर आने से यातायात प्रभावित है। अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम के साथ अभियान चलाने की बात कही गई है। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने भी जाम से राहत दिलाने का भरोसा दिया है।
दिल्ली रोड को बेहतर बनाने के लिए सिर्फ नमोभारत पर्याप्त नहीं है। सड़क की सफाई, जलनिकासी, अतिक्रमण हटाने और चौराहों पर प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन एक साथ जरूरी है। तभी मेरठ की इस महत्वपूर्ण सड़क को वास्तव में वीआईपी रोड जैसी सुगम और व्यवस्थित सड़क बनाया जा सकेगा।
