
जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े कथित हमले के मामले में इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज पर पुलिस कार्रवाई का दायरा बढ़ गया है। बुलंदशहर से हिरासत के बाद एफआईआर में नई धाराएं जोड़ी गईं। इसी बीच नाबालिग कार्यकर्ता से जुड़े एक अलग मामले में POCSO के तहत भी नई FIR दर्ज होने की बात सामने आई है।
एफआईआर में जुड़ीं नई धाराएं
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज एफआईआर में SC/ST Act और आपराधिक धमकी से संबंधित धाराएं जोड़ीं। मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता संजय कुमार पर कथित हमले से जुड़ा है।
पुलिस ने शुक्रवार को भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया।
प्रदर्शन के बाद पुलिस का एक्शन
भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर CJP कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। इसके कुछ घंटे बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इससे पहले उनके एक वीडियो क्लिप के वायरल होने के बाद मामले ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी जोर पकड़ा था।

वीडियो क्लिप से शुरू हुआ विवाद
वायरल वीडियो में भारद्वाज को कथित तौर पर 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार पर हमला करने और उनकी खोपड़ी फोड़ने का दावा करते हुए सुना जा सकता है। इन दावों की पुष्टि का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया से होगा।
CJP के सह-संयोजक सौरव दास के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) और SC/ST Act की धाराएं एफआईआर में जोड़ी गई हैं। उनका कहना है कि गंभीर चोट से संबंधित धाराओं को भी शामिल करने की मांग की जा रही है।
नाबालिग की शिकायत पर POCSO केस
मामले ने उस समय एक और मोड़ लिया जब एक नाबालिग कार्यकर्ता की शिकायत पर भारद्वाज के खिलाफ POCSO Act के तहत अलग एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई। शिकायत में ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।
सौरव दास के मुताबिक, इस एफआईआर में BNS की धारा 351(3), 78 और 79 के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 भी लगाई गई है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने POCSO के तहत नई एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है।
चिराग पासवान के नाम को लेकर शिकायत
इस बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ संसद मार्ग थाने में शिकायत दी। पार्टी का आरोप है कि जुलाई के प्रदर्शन से जुड़े मामले में भारद्वाज ने पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान के नाम का कथित तौर पर झूठा और सार्वजनिक इस्तेमाल किया।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसका भारद्वाज से कोई संबंध नहीं है और वह पीड़ित कार्यकर्ता तथा उसके घायल पिता के साथ खड़ी है।
शिकायत की जांच जारी
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, LJP (रामविलास) की शिकायत पर जांच की जा रही है और फिलहाल इस शिकायत के आधार पर कोई अलग मामला दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस अब विभिन्न शिकायतों, वीडियो सामग्री और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
आगे जांच से साफ होगी तस्वीर
स्वतंत्र भारद्वाज पर लगे आरोप गंभीर हैं, लेकिन आरोप और दोषसिद्धि के बीच कानूनी प्रक्रिया का पूरा होना जरूरी है। अब पुलिस जांच, मेडिकल साक्ष्य, वीडियो सामग्री और दर्ज शिकायतें इस मामले की अगली दिशा तय करेंगी। कई कानूनी धाराओं के जुड़ने से मामला और गंभीर हो गया है, इसलिए आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और अदालत की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
