
Now Politics on CEC : चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के तीन में से दो आयुक्तों ने कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कीं। फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर भी आपत्ति जताई गई। कांग्रेस काफी समय से वोट चोरी की बात करती गई है और अब चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों पर आयोग के भीतर ही बार-बार असहमति सामने आने के बाद कांग्रेस के तेवर और तीखे हो गए हैं। कांग्रेस का कहना है कि देश के मतदाताओं को पूरी पारदर्शिता के साथ जवाब मिलना चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही की मांग उठा रहे हैं। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े मीडिया संस्थानों पर भी दबाव बनाया जा रहा है और ईडी की कार्रवाई का भय दिखाकर उन्हें चुप कराने की कोशिश होती है। प्रधानमंत्री मीडिया के सवालों का सामना नहीं करते, जबकि कांग्रेस नेतृत्व हमेशा मीडिया के समक्ष अपनी बात रखता रहा है।
हरियाणा कांग्रेस ने तीन मुख्य मांगे रखी हैं। पहली ज्ञानेश कुमार को अब मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह गया है, इसलिए उन्हें तुरंत प्रभाव से त्यागपत्र दे देना चाहिए। दूसरी ज्ञानेश कुमार को लोकतंत्र की हत्या का षड्यंत्र रचने के आरोप में तुरंत गिरफ्तार किया जाए और तीसरी ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में जितने भी निर्णय हुए हैं उनकी समीक्षा की जाए।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चुनाव आयोग के बहाने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार की जीत का श्रेय भाजपा को नहीं बल्कि ईवीएम को जाना चाहिए क्योंकि ये कांग्रेस की हार नही बल्कि ईवीएम की जीत है। हुड्डा बार-बार सरकार पर चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने भी स्पष्ट कर दिया कि किस तरह से चुनाव में धांधली कर भाजपा ने सरकार हासिल की है। साथ ही भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने साफ साफ संकेत दिए हैं कि इस बार लोकसभा व विधानसभा के एक साथ चुनाव हो सकते हैं और जनता को तैयार होने की जरूरत है।
कांग्रेस नेता राज बब्बर ने लोकसभा चुनाव 2024 में वोटों के हेरफेर को लेकर चुनाव आयोग पर तंज कसा है। उन्होंने एक्स पर देश के 176 लोकसभा सीटों पर मतगणना के दौरान हेरफेर का आरोप लगाया है। इसे लेकर उन्होंने एडीआर के रिपोर्टों का हवाला दिया है। उन्होंने लिखा कि बीते लोकसभा चुनाव यानी कि 2024 आमचुनाव में मुझे गुरुग्राम सीट पर 7.33 वोट मिले थे। मैं कई राउंड्स तक जीतता रहा, लेकिन अंतिम के कुछ राउंड में हम धीरे-धीरे पिछड़ते गए। ऐसा पिछड़े कि गैप को पाट नहीं पाए। उन्होंने कहा कि 7 लाख 33 हजार वोट पाकर हमारी हार हुई, तो अब धीरे-धीरे मामला समझ आ रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग पर हेरफेर करने का आरोप लगाया।
राज बब्बर ने एक्स पर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की उस रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें दावा किया गया है कि देश की 176 लोकसभा सीटों पर पड़े हुए वोटों से ज्यादा वोटों की गिनती हुई है। राज बब्बर ने लिखा, ‘गुरुग्राम के लोगों ने मुझे 7.33 लाख वोट दिए। हारने वाले उम्मीदवारों में यह देशभर में सबसे ज्यादा था। मतगणना के दौरान कई राउंड तक हम जीतते रहे, लेकिन अंतिम राउंड्स में हम ऐसे पिछड़े कि उस मार्जिन को कभी पाट ही नहीं पाए।’ उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि पहले समझ नहीं आ रहा था कि इतने वोट पाकर भी हार कैसे हुई, लेकिन अब समझ आ रहा है कि यहां तो सबकुछ नियंत्रण में था।
