
पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर शुरू हुआ असंतोष अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। अब सभी की निगाहें पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के अगले कदम पर टिकी हैं। पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी को दूर करने के लिए पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल लगातार चौथे दिन भी चंडीगढ़ में नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस नेतृत्व संगठन को एकजुट करने और अंदरूनी मतभेद खत्म करने की कोशिश में जुटा है।
चन्नी समर्थकों की बैठक में बनेगी आगे की रणनीति
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को चरणजीत सिंह चन्नी अपने समर्थक विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। इस बैठक में इस बात पर चर्चा होने की संभावना है कि पार्टी नेतृत्व के साथ बातचीत किस स्तर पर की जाए। साथ ही यह भी तय किया जा सकता है कि चन्नी सीधे राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगेंगे या फिर चंडीगढ़ में ही भूपेश बघेल के साथ बातचीत कर विवाद का समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। चन्नी समर्थक संगठनात्मक नियुक्तियों और चुनाव समिति के गठन को लेकर लगातार अपनी नाराजगी जता रहे हैं।

हाईकमान का साफ संदेश, सूची में नहीं होगा बदलाव
इस बीच कांग्रेस हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया है कि संगठनात्मक नियुक्तियों और चुनाव समिति की सूची में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। भूपेश बघेल भी कई बार दोहरा चुके हैं कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे और जारी सूची में कोई फेरबदल नहीं होगा। हाईकमान के इस रुख के बाद चन्नी खेमे पर पार्टी के फैसले को स्वीकार करने का दबाव बढ़ गया है।
चुनावी तैयारी और संगठन पर फोकस
भूपेश बघेल ने पिछले चार दिनों में कार्यकारी अध्यक्षों, जिला अध्यक्षों, एआईसीसी सचिवों, हल्का प्रभारियों, प्रवक्ताओं और कई वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें की हैं। शुक्रवार को उनकी यूथ कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ भी बैठक प्रस्तावित है, जिसमें बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, युवा कार्यकर्ताओं की भूमिका और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा होगी। सूत्रों के मुताबिक, चंडीगढ़ दौरा पूरा करने के बाद भूपेश बघेल दिल्ली जाकर कांग्रेस हाईकमान को पंजाब की राजनीतिक स्थिति और नेताओं से हुई बातचीत की विस्तृत रिपोर्ट सौंप सकते हैं।
