
दिल्ली में प्रदर्शन स्थलों को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। जंतर-मंतर की जगह अब रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। इस फैसले के पीछे सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई से जुड़े कई अहम पहलू सामने आए हैं।
दिल्ली में प्रदर्शन के लिए तय हुए तीन नए स्थल
दिल्ली पुलिस के जारी आदेश के मुताबिक, जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाकर तीन अन्य जगहों को चुना गया है। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड शामिल हैं।
यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं। अब इन तीन स्थानों पर प्रदर्शन की अनुमति और उससे जुड़ी शर्तें संबंधित प्रशासनिक आदेशों के अनुसार तय होंगी।
संसद भवन से कितनी दूर हैं नए धरना स्थल?
प्रदर्शन स्थलों की दूरी जानना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे संसद के आसपास पहुंचने और प्रदर्शन आयोजित करने की भौगोलिक स्थिति समझने में मदद मिलती है। नीचे दी गई दूरियां सामान्य अनुमान हैं। वास्तविक दूरी चुने गए प्रवेश द्वार और सड़क मार्ग के अनुसार बदल सकती है।
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से क्यों हटाया गया?
यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। 9 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में ट्रेन और मेट्रो सेवाओं पर लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की थी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में रामलीला मैदान जैसे वैकल्पिक स्थल पर प्रदर्शन की अनुमति दी जा सकती थी।
सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुरक्षा संबंधी चिंताएं उठाईं। उन्होंने दलील दी कि पहले एक दिन के प्रदर्शन की अनुमति मिलने के बावजूद प्रदर्शन लंबा चला था और प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। सरकार के मुताबिक, संसद की सुरक्षा और आसपास के क्षेत्र की व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

सुप्रीम कोर्ट में बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा भी उठा
सुनवाई के दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्य न्यायाधीश ने शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर चिंता जताई। सरकार की ओर से आपातकालीन चिकित्सा सहायता और एंबुलेंस की पहुंच में संभावित कठिनाइयों का मुद्दा भी उठाया गया।
अदालत ने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों के लिए बेहतर सुविधाओं वाली वैकल्पिक जगह तय करने के सुझाव पर विचार करने को कहा। अदालत ने दिल्ली में ट्रेन और मेट्रो सेवाओं को पूरी तरह बंद करने के बजाय नियंत्रित तरीके से जारी रखने की आवश्यकता पर भी निर्देश दिया था।
शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदर्शन स्थल में बदलाव को लेकर कहा कि लोकतंत्र में सभी को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन जनसुविधाओं का ध्यान रखना भी जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पूरी व्यवस्था को बंधक बनाने की कोशिश करते हैं।
यह बयान प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के बीच संतुलन को लेकर जारी बहस को सामने लाता है। हालांकि, प्रदर्शन स्थलों में बदलाव के पीछे प्रशासनिक आदेश में दर्ज कारण और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक व्याख्या महत्वपूर्ण रहेगी।
जंतर-मंतर के बाद अब कहां होगा प्रदर्शन?
नए आदेश के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड निर्धारित किए गए हैं। रामलीला मैदान संसद के सबसे करीब है, जबकि बुराड़ी ग्राउंड सबसे दूर बताया जा रहा है।
निष्कर्ष: जंतर-मंतर को सूची से हटाने का फैसला सुरक्षा, सुविधाओं और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े तर्कों के बीच सामने आया है। आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नए स्थलों पर प्रदर्शन की अनुमति, शर्तें और व्यवस्थाएं किस तरह लागू की जाती हैं तथा प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण विरोध के लिए कितनी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
