राहुल गांधी से हिमंत बिस्वा सरमा की बड़ी मांग बोले पहले सिखों से माफी मांगिए

NATIONAL NEWS(India 365 news): हिमंत बिस्वा सरमा ने दिल्ली के रामलीला मैदान में हो रही INDIA ब्लॉक की रैली को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। असम के मुख्यमंत्री ने 1 नवंबर की तारीख का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस ने रैली के लिए यही दिन क्यों चुना। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों की याद दिलाते हुए कहा कि इस दिन दिल्ली में इतनी बड़ी राजनीतिक रैली करना सिख समुदाय के पुराने जख्मों को फिर से हरा करने जैसा है।
दरअसल कांग्रेस के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट बचाओ देश बचाओ रैली कर रहा है। विपक्षी दल इस कार्यक्रम के जरिए चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। लेकिन इस रैली को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
असम के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के नेताओं से अपील की कि उन्हें 1 नवंबर 1984 की घटनाओं को याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि रैली किसी दूसरे दिन भी की जा सकती थी लेकिन कांग्रेस ने इसके लिए वही तारीख चुनी जिस दिन दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा हुई थी।
सरमा ने आगे कहा कि जब सभी नेता एक ही मंच पर इकट्ठा हुए हैं तो उन्हें कम से कम सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही दो मिनट का मौन रखकर हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि इंदिरा गांधी की हत्या के बाद बदले की भावना में उनके पिता राजीव गांधी और उनके साथियों के नेतृत्व में तीन हजार से ज्यादा सिखों की हत्या हुई थी। हालांकि ये आरोप कांग्रेस और उसके नेतृत्व को लेकर सरमा के राजनीतिक बयान हैं।
गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली और देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी हिंसा भड़क गई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अकेले दिल्ली में 2733 लोगों की जान गई थी। वहीं कुछ संगठनों ने मरने वालों की संख्या इससे काफी ज्यादा बताई थी। हिंसा के दौरान कई घरों दुकानों और गुरुद्वारों को भी निशाना बनाया गया था।
इस तरह INDIA ब्लॉक की रैली के बीच 1984 के दंगों का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
