
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह को पंजाब सरकार की ओर से बड़ा झटका मिला है। राज्य सरकार ने उनकी जेड प्लस सुरक्षा वापस ले ली है। इस फैसले के बाद जालंधर स्थित उनके आवास के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया गया है। जानकारी के अनुसार यह कदम राजनीतिक घटनाक्रमों और हालिया सियासी हलचल के बाद उठाया गया है, जिससे राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
पीए ने की पुष्टि, सुरक्षा हटाने की आधिकारिक जानकारी सामने आई
हरभजन सिंह के निजी सहायक (पीए) मनदीप सिंह ने पुष्टि की है कि पंजाब सरकार ने पूर्व क्रिकेटर की सुरक्षा व्यवस्था समाप्त कर दी है। उन्होंने बताया कि सरकार के इस फैसले के बाद तुरंत प्रभाव से सुरक्षा कर्मियों को उनके आवास से हटा दिया गया। पहले हरभजन सिंह को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी, जिसे अब वापस ले लिया गया है। इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि में बढ़ा विवाद, पार्टी बदलने से जुड़ रहा मामला
सूत्रों के अनुसार यह फैसला उस समय सामने आया है जब हरभजन सिंह के कथित राजनीतिक बदलाव की चर्चा तेज है। हाल ही में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बयान के बाद यह दावा किया गया था कि कई सांसद आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इसी सूची में हरभजन सिंह का नाम भी सामने आया था। हालांकि इस पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है।
आम आदमी पार्टी का विरोध और बढ़ता सियासी तनाव
इस पूरे मामले के बीच आम आदमी पार्टी में भारी नाराजगी देखी जा रही है। पार्टी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राघव चड्ढा और अन्य नेताओं पर तीखा हमला बोला है। वहीं, पार्टी कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह और अन्य कथित नेताओं के आवासों के बाहर प्रदर्शन किया और दीवारों पर विरोध स्वरूप नारे भी लिखे। इस घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति में तनाव और बढ़ा दिया है। फिलहाल हरभजन सिंह की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
