
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल लगातार 11वें दिन भी जारी है और अब यह निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। शहरों में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और कचरे के ढेर जगह-जगह दिखाई देने लगे हैं। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने गतिरोध खत्म करने के लिए कर्मचारी संगठनों को बातचीत के लिए बुलाया है।
चंडीगढ़ में होगी उच्च स्तरीय बैठक
14 मई 2026 को सुबह 11 बजे चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल करेंगे। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान कर्मचारियों की 19 सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और समाधान खोजने का प्रयास किया जाएगा।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें और विवाद
सफाई कर्मचारी लंबे समय से 19 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने, हाल ही में निकाले गए लगभग 3500 कर्मचारियों की वापसी, समान काम के लिए समान वेतन और बकाया भुगतान जैसी मांगें शामिल हैं। इसके अलावा आंदोलन के दौरान दर्ज पुलिस मामलों को रद्द करने की भी मांग की जा रही है, जिससे विवाद और गहरा गया है।
शहरों में बिगड़ी सफाई व्यवस्था
हड़ताल के कारण गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक और जींद जैसे शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। सड़कों और बाजारों में कचरे के ढेर लगने से दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने निजी एजेंसियों के जरिए वैकल्पिक व्यवस्था की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शन के चलते हालात नहीं सुधर सके। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर वार्ता विफल रही तो आंदोलन अनिश्चितकालीन हो सकता है।
