
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी से हलचल तेज हो गई है। पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह के हालिया बयान पर सांसद पप्पू यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। रविवार (26 अप्रैल 2026) को उन्होंने कहा कि बृज भूषण शरण सिंह केवल किसी एक दल के नहीं बल्कि मुलायम सिंह यादव और अमित शाह जैसे बड़े नेताओं के भी करीबी रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब सीएम योगी आदित्यनाथ उन्हें महत्व नहीं देते, तो यह राजनीतिक असंतुलन को दर्शाता है।
योगी आदित्यनाथ पर सीधा निशाना
पप्पू यादव ने अपने बयान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि योगी गोरखपुर के दादा हो सकते हैं, लेकिन बृज भूषण शरण सिंह भी अपनी जगह मजबूत नेता हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी सिर्फ किसी एक व्यक्ति की वजह से नहीं बल्कि कई नेताओं के योगदान से बनी है। उनके अनुसार, बृज भूषण शरण सिंह का राजनीतिक आधार लंबे समय से मजबूत रहा है और उन्हें नजरअंदाज करना गलत होगा। यह बयान यूपी की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकता है।

बृज भूषण के बयान से पहले ही गरमाया माहौल
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि बृज भूषण शरण सिंह के हालिया बयान से जुड़ी है, जो उन्होंने बिहार के भागलपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें पार्टी में जरूरत नहीं समझा जा रहा है, तो यह स्पष्ट कर दिया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे 2027 या 2029 के चुनाव में अपनी राजनीतिक उपयोगिता साबित कर सकते हैं। इस बयान के बाद ही सियासी हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था।
पप्पू यादव के बयान से बढ़ सकता है राजनीतिक तनाव
पप्पू यादव, जो बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद हैं, अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। उन्होंने दिल्ली में एक मीडिया बातचीत के दौरान यह बयान दिया, जिससे यूपी और बिहार दोनों राज्यों की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के बयान आने वाले समय में भाजपा और अन्य दलों के बीच तनाव को और बढ़ा सकते हैं। फिलहाल इस मुद्दे पर किसी बड़ी राजनीतिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
