वायरल वीडियो ने खोली क्रूरता की परतें, 10 साल के बच्चे से मारपीट के मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन

हरियाणा के सोनीपत से सामने आए एक वायरल वीडियो ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। वीडियो में एक 10 वर्षीय बच्चे के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट और बिजली के कंडेनसर से करंट लगाने का दावा किया गया है। मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई और पीड़ित की मां की शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मां की शिकायत के बाद दर्ज हुई एफआईआर
पीड़ित बच्चे की मां रुबी ने सेक्टर-27 थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। उनके अनुसार, 9 जुलाई की दोपहर उन्हें सूचना मिली कि सेक्टर-15 हाउसिंग बोर्ड मार्केट में बिजली की दुकान चलाने वाला दुकानदार संजीव और उसका बेटा उनके 10 वर्षीय बेटे के साथ मारपीट कर रहे हैं। जब वह मौके पर पहुंचीं तो उन्होंने दोनों को बच्चे के साथ कथित तौर पर लात-घूंसों से मारपीट करते देखा।
करंट लगाने का भी लगाया आरोप
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने बेटे को बचाने की कोशिश की तो आरोपियों ने उन्हें रोक दिया और बच्चे को दोबारा दुकान के अंदर ले जाकर बिजली के कंडेनसर से करंट लगाया। महिला का यह भी कहना है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया। बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को देखने के बाद उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए उसकी फुटेज पेन ड्राइव में पुलिस को सौंप दी।

वायरल वीडियो बना कार्रवाई का आधार
शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच समझौते की चर्चा सामने आई थी, लेकिन घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला गंभीर हो गया। वीडियो में दिखाई दे रहे कथित घटनाक्रम ने लोगों में नाराजगी पैदा कर दी। इसके बाद पीड़ित परिवार ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए जांच तेज कर दी।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस प्रवक्ता रविंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत और उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी दुकानदार संजीव को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है। जांच के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरे आरोपी की भूमिका की भी जांच जारी है।
बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी
यह घटना समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े करती है। किसी भी विवाद की स्थिति में बच्चे के साथ हिंसा न केवल अमानवीय है, बल्कि कानूनन भी गंभीर अपराध है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर हैं, ताकि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
