
पंजाब के बरनाला के गांव शेरों में मोहनजीत सिंह सिद्धू के साथ कथित पुलिस प्रताड़ना का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। संगरूर अस्पताल में भर्ती मोहनजीत से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फोन पर बात की। इससे पहले पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की और राहुल गांधी से उनकी बात कराई।
छत पर काला झंडा लेकर कर रहे थे प्रदर्शन
मामला बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की गांव शेरों में हुई जनसभा से जुड़ा है। आरोप है कि मोहनजीत सिंह एक घर की छत पर काला झंडा लेकर नशे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
मोहनजीत का आरोप है कि पुलिस हिरासत में उनके साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार किया गया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
राहुल गांधी ने अस्पताल में भर्ती मोहनजीत से की बात
शनिवार को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग संगरूर अस्पताल पहुंचे और मोहनजीत सिंह से मुलाकात की। इसी दौरान उन्होंने उनकी फोन पर राहुल गांधी से बातचीत कराई।

राहुल गांधी ने मोहनजीत से उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस बातचीत के बाद मामला राजनीतिक रूप से और गरमा गया है। कांग्रेस पहले से ही पुलिस कार्रवाई को लेकर पंजाब सरकार पर सवाल उठा रही है।
मोहनजीत ने लगाए गंभीर आरोप
मोहनजीत सिंह ने पुलिस हिरासत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि हिरासत के दौरान उन्हें इलेक्ट्रिक शॉक दिए गए, दाढ़ी खींची गई और घावों पर नमक रगड़ा गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके इनर वियर्स तक फाड़ दिए गए। इन आरोपों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और हिरासत में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस ने आरोपों को किया खारिज
संगरूर पुलिस ने मोहनजीत के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मोहनजीत के खिलाफ गंभीर अपराधों से संबंधित आठ FIR दर्ज हैं और वह पहले से आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है।
पुलिस का कहना है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान मोहनजीत ने कथित तौर पर व्यवधान पैदा करने की कोशिश की थी। इसके बाद उसे एहतियातन गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने यह भी दावा किया है कि मोहनजीत का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आया था।
हरपाल चीमा बोले- ऐसा नहीं होना चाहिए था
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए थी। साथ ही उन्होंने बताया कि पुलिस हिरासत में पिटाई के लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
इससे पहले कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भी पूरे घटनाक्रम की निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बात की है और अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उन्होंने मोहनजीत को नहीं पीटा।
अमन अरोड़ा ने यह भी कहा था कि मेडिकल जांच और MLR से चोटों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच से साफ होगा क्या हुआ था
मोहनजीत सिंह के आरोप और पुलिस के दावे फिलहाल एक-दूसरे से अलग हैं। एक तरफ युवक हिरासत में गंभीर प्रताड़ना का आरोप लगा रहा है, वहीं पुलिस इन आरोपों को खारिज करते हुए उसके खिलाफ दर्ज मामलों और गिरफ्तारी की परिस्थितियों का हवाला दे रही है।
अब पुलिस जांच, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हिरासत के दौरान वास्तव में क्या हुआ था। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी।
