
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित शुद्धीकरण कार्यक्रम को लेकर विवाद अब सड़क पर उतरता दिख रहा है। रामलीला मैदान में प्रस्तावित मौन कार्यक्रम को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने तय स्थान पर ही आयोजन करने की बात कही है।
शुद्धीकरण कार्यक्रम के विरोध में था आयोजन
मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए शुद्धीकरण कार्यक्रम के विरोध में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की ओर से रविवार शाम रामलीला मैदान में मौन कार्यक्रम प्रस्तावित था। आयोजन का उद्देश्य समानता, समरसता और भाईचारे का संदेश देना बताया गया।
कार्यक्रम के लिए कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष इंद्रपाल आर्य ने प्रशासन से अनुमति मांगी थी। हालांकि, पुलिस रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया।
बुद्ध पार्क में कार्यक्रम करने का सुझाव
प्रशासन ने कांग्रेस नेताओं को शहर में निर्धारित धरना स्थल बुद्ध पार्क में कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया है। अधिकारियों का रुख है कि निर्धारित धरना स्थल पर आयोजन किया जा सकता है।

हालांकि, आयोजनकर्ता इस विकल्प से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि जब कार्यक्रम का स्थान पहले से रामलीला मैदान तय था, तो उन्होंने अनुमति भी उसी स्थान के लिए मांगी थी।
‘रामलीला मैदान में ही होगा कार्यक्रम’
इंद्रपाल आर्य ने प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कार्यक्रम बुद्ध पार्क में ही करना था तो रामलीला मैदान के लिए अनुमति मांगने का कोई मतलब नहीं था।
उन्होंने आरोप लगाया कि शुद्धीकरण के जरिए बीजेपी ने संविधान की मूल भावना का अपमान किया है। आर्य का दावा है कि मुख्यमंत्री के दौरे के बाद ही प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार किया।
कांग्रेस ने बताया शांतिपूर्ण आयोजन
आयोजनकर्ता के मुताबिक, प्रस्तावित मौन कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण था। इसका मकसद किसी तरह का टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि समानता और सामाजिक भाईचारे का संदेश देना था।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
प्रशासन की अनुमति के बिना आयोजन पर नजर
प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद कांग्रेसियों के रामलीला मैदान में कार्यक्रम करने के दावे से अब स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। ऐसे में पुलिस-प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।
कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के सामने प्राथमिक चुनौती होगी। वहीं कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकार और सामाजिक समानता से जोड़कर देख रही है।
शुद्धीकरण विवाद ने बढ़ाई सियासी गर्मी
खरगे की रैली के बाद हुए शुद्धीकरण कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कांग्रेस और प्रशासन के बीच अनुमति के सवाल तक पहुंच गया है। एक तरफ प्रशासन ने वैकल्पिक स्थल सुझाया है, दूसरी ओर कांग्रेस रामलीला मैदान में ही कार्यक्रम करने पर अड़ी है।
अब निगाहें रविवार शाम के घटनाक्रम पर हैं—क्या कांग्रेस तय स्थल पर कार्यक्रम करेगी या प्रशासन के निर्देश के बाद स्थान बदलेगा? यही विवाद का अगला बड़ा मोड़ होगा।
