इस साल 23 अधिकारियों और कर्मचारियों को अदालत से मिली सजा

Action against Corruption : प्रदेश में भ्रष्ट अधिकारियों पर एसीबी शिकंजा कस रही है। अब कई भ्रष्ट अफसर-कर्मचारी एसीबी की रडार पर है, जिन पर नकेल कसने के लिए सूची तैयार की गई है। एसीबी प्रमुख चावला ने बताया कि एसीबी द्वारा प्रदेश में ऐसे 190 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सूची तैयार की गई है, जिनके संबंध में लगातार भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें अथवा इनपुट सामने आए हैं। ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संबंध में उपलब्ध सूचनाओं का विश्लेषण किया जा रहा है और उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
एसीबी प्रमुख अरशिंदर सिंह चावला ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक 138 सफल ट्रैप कार्रवाई की जा चुकी हैं, जिनमें सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि आमजन अब भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आ रहे हैं और एसीबी की कार्रवाई व्यवस्था पर उसका विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी अवकाशों को अलग कर देखा जाए तो औसतन लगभग हर दूसरे दिन एक सरकारी अधिकारी या कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंकड़ा केवल कार्रवाई की संख्या नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि लोग भ्रष्टाचार की शिकायत करने के लिए आगे आ रहे हैं।
एसीबी प्रमुख चावला ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से अब तक 21 मामलों में 23 अधिकारियों व कर्मचारियों को विभिन्न न्यायालयों द्वारा कठोर सजा सुनाई गई है। भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तारी तक कार्रवाई के बाद भी एसीबी द्वारा दोषियों को कोर्ट से सजा दिलाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा से स्पष्ट संदेश जाता है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई केवल तत्काल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के अंतिम चरण तक प्रभावी पैरवी और फॉलोअप सुनिश्चित किया जा रहा है।

एसीबी प्रमुख अरशिंदर सिंह चावला ने बताया कि रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भविष्य में उसी जिले में दोबारा पोस्टिंग नहीं दिए जाने के संबंध में सभी संबंधित सरकारी विभागों को पत्र लिखा गया है। यह निर्णय एसीबी की हाई पावर कमेटी में विचार-विमर्श के बाद लिया गया है, जिसे जल्द लागू किया जाएगा। सभी सरकारी विभागों को पत्र भेजकर ऐसे मामलों में उसी जिले में दोबारा पोस्टिंग से बचने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
अरशिंदर सिंह चावला ने बताया कि एसीबी द्वारा विभिन्न विभागों से प्राप्त शिकायतों का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि किन विभागों, कार्यालयों और क्षेत्रों से भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें अधिक प्राप्त हो रही हैं और-कौन से क्षेत्र भ्रष्टाचार के हॉटस्पॉट के रूप में सामने आ रहे हैं। हरियाणा में एसीबी के सात पुलिस स्टेशन हैं, जिनमें प्राप्त सूचनाओं एवं शिकायतों का विश्लेषण कर उन समस्याओं की पहचान की जाती है, जिनका सामना आमजन को सरकारी कार्यालयों में करना पड़ता है। इसके आधार पर कार्रवाई के साथ-साथ व्यवस्था में सुधार के लिए भी संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
