
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद जनता दल (यूनाइटेड) ने संगठन को मजबूत करने और युवाओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को पटना स्थित पार्टी कार्यालय में युवा जेडीयू की अहम बैठक हुई, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कार्यकर्ताओं को संगठन विस्तार और जनसंपर्क को लेकर कई अहम निर्देश दिए।
युवा कार्यकर्ताओं के साथ हुई अहम बैठक
जेडीयू कार्यालय में आयोजित इस बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों से आए युवा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और अधिक से अधिक युवाओं को पार्टी से जोड़ने की रणनीति तैयार करना था। निशांत कुमार ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों से सीधे संवाद करें।
‘2005 से पहले और बाद का बिहार बताइए’
मीडिया से बातचीत में निशांत कुमार ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ने 2005 से पहले का बिहार नहीं देखा है। इसलिए कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं को बताएं कि उस दौर में राज्य की स्थिति कैसी थी और उसके बाद क्या बदलाव आए।

उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता युवाओं को जेडीयू की नीतियों और सरकार के विकास कार्यों की जानकारी दें, ताकि वे राज्य के बदलाव को बेहतर ढंग से समझ सकें।
विकास कार्यों को घर-घर पहुंचाने का आह्वान
निशांत कुमार ने कहा कि 2005 के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इन उपलब्धियों को आम जनता, खासकर युवाओं तक पहुंचाएं और उन्हें पार्टी की सदस्यता अभियान से जोड़ें।
बांकीपुर हार के बाद संगठन पर फोकस
हालिया बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में एनडीए को मिली हार के बाद जेडीयू और भाजपा दोनों संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनावों को देखते हुए दल अब बूथ स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ाने और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर जोर दे रहे हैं।
युवाओं पर टिकी पार्टी की उम्मीदें
जेडीयू का मानना है कि युवाओं की भागीदारी संगठन को नई ऊर्जा दे सकती है। इसी सोच के तहत पार्टी सदस्यता अभियान, कार्यकर्ता बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों को तेज कर रही है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि युवाओं तक पहुंचने की यह रणनीति पार्टी को कितना राजनीतिक लाभ दिला पाती है।
