
दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली सरकार ने 11 सितंबर को सरकारी छुट्टी घोषित की है। इस दिन दिल्ली सरकार के साथ केंद्र सरकार के कार्यालय भी बंद रहेंगे, ताकि सम्मेलन के दौरान राजधानी में व्यवस्थाओं को सुचारू रखा जा सके।
11 सितंबर को दिल्ली में सरकारी अवकाश
BRICS Summit को देखते हुए दिल्ली सरकार ने 11 सितंबर, शुक्रवार को छुट्टी घोषित की है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के तहत आने वाले सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।
इसमें स्वायत्त निकाय और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम यानी PSUs भी शामिल हैं। सरकार ने यह फैसला BRICS शिखर सम्मेलन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है।
केंद्र सरकार के दफ्तर भी रहेंगे बंद
दिल्ली सरकार के अलावा राजधानी में केंद्र सरकार के कार्यालयों के भी 11 सितंबर को बंद रहने की जानकारी दी गई है। इसका मकसद सम्मेलन के दौरान किसी तरह की प्रशासनिक या यातायात संबंधी असुविधा को कम करना है।
BRICS सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होना है। ऐसे में सम्मेलन से एक दिन पहले सरकारी कार्यालयों में अवकाश से राजधानी में वाहनों की आवाजाही कम होने की उम्मीद है।

30 देशों के नेता और प्रतिनिधि होंगे शामिल
इस शिखर सम्मेलन में करीब 30 BRICS सदस्य और सहयोगी देशों के नेता शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और भारत समेत BRICS देशों के व्यापारिक प्रतिनिधि भी सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे।
इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया जा रहा है।
35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक अभ्यास
सम्मेलन को लेकर दिल्ली के कई हिस्सों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कुछ मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन की व्यवस्था भी की गई है।
हाल में हुए ट्रैफिक अभ्यास में 35 से अधिक सड़कों और 22 वैकल्पिक मार्गों को शामिल किया गया। खास तौर पर मध्य दिल्ली और भारत मंडपम के आसपास यातायात प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।
भारत चौथी बार करेगा BRICS की मेजबानी
भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। अध्यक्षता के दौरान देश के 25 से अधिक शहरों में 350 से ज्यादा बैठकें और उच्चस्तरीय वार्ताएं आयोजित की गई हैं।
इन बैठकों में राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग, आर्थिक एवं वित्तीय सहयोग तथा सांस्कृतिक और जन-समुदाय के बीच आदान-प्रदान जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा हुई है।
भारत BRICS का संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर चुका है।
पुतिन, गुटेरेस समेत कई बड़े नेताओं पर नजर
रिपोर्ट्स के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सम्मेलन में आने की चर्चा भी है, हालांकि उनके दौरे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दिल्ली में दो दिन बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था
BRICS Summit के दौरान दिल्ली में देश-विदेश के कई बड़े नेता और प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। ऐसे में सुरक्षा, यातायात और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर दिल्ली में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
11 सितंबर की सरकारी छुट्टी इसी तैयारी का हिस्सा है, ताकि 12-13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले BRICS सम्मेलन के दौरान राजधानी की व्यवस्थाएं अधिक सुचारू और सुरक्षित तरीके से संचालित की जा सकें।
