
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान अपनी तीन दिवसीय शुकराना यात्रा के तहत गुरुवार को अमृतसर पहुंचे, जहां उनके आगमन को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं। रईया से लेकर श्री हरिमंदिर साहिब तक पूरे मार्ग को सजाया गया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का पहला औपचारिक स्वागत रईया में हुआ, जहां हल्का बाबा बकाला के विधायक दलबीर सिंह टोंग की अगुवाई में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेककर लिया आशीर्वाद
रईया के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान का काफिला जंडियाला होते हुए सीधे श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचा, जहां उन्होंने मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान धार्मिक स्थल पर माहौल श्रद्धा और उत्साह से भरा हुआ नजर आया। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों से भी जत्थों के रूप में लोग शामिल हुए।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पूरे रूट पर हाई अलर्ट
मुख्यमंत्री की इस यात्रा को देखते हुए रईया से अमृतसर तक जीटी रोड पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाई गई ताकि भीड़ और यातायात को नियंत्रित किया जा सके। इसके अलावा ऊंची इमारतों और संवेदनशील स्थानों पर पंजाब पुलिस के जवान तैनात किए गए। पूरे मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में संभाली जा रही है, जिसमें डीआईजी संदीप गोयल और अमृतसर देहाती एसएसपी की विशेष भूमिका रही।
तीन दिवसीय यात्रा का दूसरा दिन, फतेहगढ़ साहिब में होगा समापन
मुख्यमंत्री भगवंत मान की यह शुकराना यात्रा तीन दिनों तक चलने वाली है, जिसका आज दूसरा दिन रहा। यात्रा की शुरुआत जालंधर सेंट्रल से हुई, जहां उन्होंने विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संदेश दिए। मुख्यमंत्री ने बेअदबी मामलों पर भी सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के परिजनों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। यात्रा का अगला चरण शुक्रवार को बठिंडा, तलवंडी साबो, मानसा, बरनाला, सुनाम, संगरूर और पटियाला से होकर गुजरेगा और इसका अंतिम पड़ाव श्री फतेहगढ़ साहिब होगा, जहां यह यात्रा औपचारिक रूप से समाप्त होगी।
