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दिल्ली-NCR में प्रदूषण कम करने की तैयारी, पुराने वाहनों को सड़कों से हटाने पर सहमति

दिल्ली-एनसीआर के भविष्य को ध्यान में रखते हुए हुई एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की अहम बैठक में परिवहन, पर्यावरण और शहरी विकास से जुड़े कई बड़े फैसलों पर सहमति बनी। खास तौर पर पुराने वाहनों पर सख्ती और क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिले हैं।

NCR के विकास रोडमैप पर हुई अहम बैठक

नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की 42वीं बैठक में दिल्ली-एनसीआर के दीर्घकालिक विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar ने की। उन्होंने बताया कि आगामी दो महीनों में रीजनल प्लान 2041 को अंतिम रूप देकर घोषित किया जा सकता है।

BS-1, BS-2 और BS-3 वाहनों पर सख्ती

बैठक में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए BS-1, BS-2 और BS-3 श्रेणी के वाहनों को सड़कों से चरणबद्ध तरीके से हटाने पर सहमति बनी। साथ ही BS-6 मानक वाले वाहनों को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को आवश्यक नीतियां लागू करने का सुझाव दिया गया। BS-4 वाहनों को अन्य जिलों में बेचने की व्यवस्था भी प्रस्तावित की गई है।

प्रदूषण नियंत्रण के लिए नई रणनीति

एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए विभिन्न प्रतिबंधों को नई श्रेणियों में लागू करने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों का मानना है कि एक समान नियम लागू करने के बजाय क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में उपाय अधिक प्रभावी साबित होंगे।

दिल्ली-NCR में प्रदूषण कम करने की तैयारी, पुराने वाहनों को सड़कों से हटाने पर सहमति

नमो भारत और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार

यातायात दबाव कम करने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए नमो भारत और मेट्रो नेटवर्क के बड़े विस्तार की योजना पर भी चर्चा हुई। प्रस्ताव के अनुसार एनसीआर में शामिल प्रत्येक राज्य के चार प्रमुख शहरों को नमो भारत नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए लगभग 5000 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने की बात कही गई।

आबादी बढ़ने की चुनौती

बैठक में यह भी बताया गया कि वर्तमान में एनसीआर की आबादी लगभग 7.5 करोड़ है और अगले 15 वर्षों में इसके दोगुना होने की संभावना है। ऐसे में आवास, परिवहन, पर्यावरण और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में दीर्घकालिक योजना तैयार करना जरूरी माना जा रहा है।

NCR क्षेत्र घटाने पर स्थिति स्पष्ट

कुछ समय पहले एनसीआर क्षेत्र को छोटा करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी, लेकिन केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल क्षेत्र की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। मौजूदा ढांचे को बनाए रखते हुए विकास और पर्यावरणीय संतुलन पर ध्यान दिया जाएगा।

एनसीआरपीबी की बैठक में लिए गए फैसले आने वाले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर की परिवहन और पर्यावरण नीति को नई दिशा दे सकते हैं। पुराने प्रदूषणकारी वाहनों पर सख्ती, सार्वजनिक परिवहन का विस्तार और रीजनल प्लान 2041 का रोडमैप इस क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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