
मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा विवाद सामने आया है। रतलाम जिले की आलोट विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक Chintamani Malviya ने महिला कांग्रेस अध्यक्ष Reena Borasi को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब रीना बोरासी ने मीडिया में विधायक पर यौन शोषण और अवैध कब्जे जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद बढ़ा विवाद
सूत्रों के अनुसार रीना बोरासी ने हाल ही में राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात की थी और उसके बाद मीडिया में बयान देते हुए विधायक चिंतामणि मालवीय पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि उनके पास आरोपों से जुड़े सबूत मौजूद हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक टकराव और तेज हो गया और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

विधायक ने आरोपों को बताया साजिश
बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी छवि को जानबूझकर खराब करने की कोशिश की जा रही है। वकील के माध्यम से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि रीना बोरासी ने बिना किसी ठोस प्रमाण के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
10 करोड़ की क्षतिपूर्ति और 7 दिन की समयसीमा
विधायक की ओर से भेजे गए नोटिस में रीना बोरासी को 7 दिनों के भीतर जवाब देने और अपने आरोपों से जुड़े सभी प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि वे ऐसा करने में असफल रहती हैं, तो उनके खिलाफ 10 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का कानूनी मामला दर्ज किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
