
हरियाणा सरकार ने मजदूरों और नियोक्ताओं के बीच सीधे संपर्क को आसान बनाने के लिए एक नई डिजिटल पहल शुरू की है। राज्य के कैबिनेट मंत्री Anil Vij ने बुधवार को प्रेस वार्ता में ‘श्रममित्र’ नाम से एक मोबाइल एप लॉन्च किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि अब तक शहरों में मजदूरों के लिए पारंपरिक लेबर चौक होते थे, लेकिन अब इस व्यवस्था को डिजिटल रूप दिया गया है ताकि श्रमिकों को काम खोजने में आसानी हो सके।
एप से मजदूर और नियोक्ता सीधे जुड़ सकेंगे
मंत्री अनिल विज ने बताया कि इस एप के माध्यम से मजदूर अपनी कार्य क्षमता और अनुभव की पूरी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। वहीं नियोक्ता भी अपनी जरूरत के अनुसार मजदूरों को सीधे खोज सकेंगे और संपर्क कर सकेंगे। इससे दोनों पक्षों के बीच पारदर्शिता और तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली भविष्य में और अधिक ट्रेड्स और रोजगार क्षेत्रों को शामिल करेगी ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें।

मजदूरों को अब चौक पर जाने की जरूरत नहीं
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मजदूरों को अब काम की तलाश में किसी चौक पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एप के जरिए वे घर बैठे ही अपने काम की जानकारी साझा कर सकेंगे और नियोक्ताओं से बातचीत कर सकेंगे। बातचीत के दौरान काम, मेहनताना और शर्तों पर भी सीधा मोलभाव किया जा सकेगा। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और मजदूरों को बेहतर अवसर मिलेंगे।
पहले से रजिस्टर्ड मजदूर भी सिस्टम से जुड़े
सरकार ने बताया कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म में पहले से रजिस्टर्ड मजदूरों का डेटा भी शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि पुराने पंजीकृत श्रमिक भी इस एप का हिस्सा बन गए हैं। सरकार का मानना है कि इस पहल से रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा और श्रमिकों को नियमित और सुरक्षित काम मिलने में मदद मिलेगी। ‘श्रममित्र’ एप को श्रम विभाग द्वारा विकसित किया गया है और इसे राज्य में रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
