
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर चल रहे विवाद में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जो सरकार एक चुटकुले को भी सहन नहीं कर सकती, वह खुद एक चुटकुला बन जाती है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अकाउंट बैन करना इस बात का संकेत है कि सत्ता में बैठे लोग अंदर से असुरक्षित और घबराए हुए हैं। उनके अनुसार यह सिर्फ एक डिजिटल घटना नहीं बल्कि जनता के असंतोष की अभिव्यक्ति है।
युवाओं के गुस्से का प्रतीक बताया CJP को
योगेंद्र यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी को सिर्फ एक व्यंग्य नहीं बल्कि देश के युवाओं के गुस्से का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन उन लाखों युवाओं और महिलाओं की आवाज है जो सिस्टम से असंतुष्ट हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस डिजिटल अभियान से जुड़े रहें और सोशल मीडिया पर इसकी मौजूदगी को मजबूत करें। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ऐसी कोई भी हरकत न हो जिससे सरकार को इसे दबाने का मौका मिले।

‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से नया अकाउंट शुरू
इस बीच, बैन के कुछ ही घंटों बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से नया X अकाउंट शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई सरकार की बड़ी गलती है और वे इसे कानूनी रूप से चुनौती देंगे। दीपके के अनुसार नया अकाउंट शुरू होते ही कुछ ही समय में हजारों फॉलोअर्स जुड़ गए। पहले वाले अकाउंट पर लाखों फॉलोअर्स थे और यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो चुका था।
CJP की शुरुआत और तेजी से बढ़ता समर्थन
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत 15 मई को उस विवाद के बाद हुई जब चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी। हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि उनकी टिप्पणी गलत तरीके से पेश की गई थी। इसके बावजूद यह मुद्दा सोशल मीडिया पर बड़ा आंदोलन बन गया। कुछ ही दिनों में CJP ने लाखों फॉलोअर्स जुटा लिए और यह डिजिटल विरोध का बड़ा प्रतीक बन गया। अब X अकाउंट बंद होने के बाद भी इसका इंस्टाग्राम पेज तेजी से बढ़ रहा है और लाखों लोग इससे जुड़े हुए हैं।
