
दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर हिरासत और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे विवाद के बीच CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास ने रिहाई के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए और अपने अनुभवों की तुलना आपातकाल से की।
आशुतोष रांका का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता आशुतोष रांका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 72 घंटों में देशभर में प्रदर्शनकारियों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, वह लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है। रांका ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल पर जाने की कोशिश कर रहे लोगों को हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट भी हुई। ये सभी आरोप उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए।
‘1975 की इमरजेंसी से भी खराब हालात’
आशुतोष रांका ने अपने बयान में आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि हाल के घटनाक्रम ने उन्हें उस दौर की याद दिला दी, जिसके बारे में उन्होंने अपने माता-पिता से सुना था। उन्होंने दावा कि
या कि प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द करने और यात्रियों को परेशान करने जैसी स्थितियां पैदा हुईं। रांका ने इसे सरकार की डर की राजनीति बताते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश की जा रही है।
चुनाव आयोग को लेकर भी उठाए सवाल
CJP नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय केंद्र सरकार के प्रभाव में काम कर रहा है। रांका के मुताबिक, चुनाव आयोग के खिलाफ शुरू हुई लड़ाई अब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष में बदल गई है। हालांकि, आयोग की निष्पक्षता को लेकर लगाए गए ये आरोप CJP नेताओं का पक्ष हैं।

हिरासत और फ्लाइट से ले जाने का दावा
रांका ने दावा किया कि उन्हें, सौरव दास और अभिजीत दीपके को फ्लाइट से ले जाने के दौरान हिरासत में लिया गया। उन्होंने दिल्ली पुलिस के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। रांका ने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की सूचना मिलने के बाद भी परिवार से संपर्क करने में परेशानी हुई। उन्होंने इस घटना को अमानवीय बताते हुए पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े किए।
‘लड़ाई अब शुरू हुई है’, आगे भी जारी रहेगा विरोध
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP नेताओं ने स्पष्ट किया कि रिहाई के बाद भी उनका विरोध समाप्त नहीं हुआ है। रांका ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनाव आयोग की जवाबदेही के मुद्दे को आगे उठाएगी। उन्होंने अभिजीत दीपके के परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। उनके मुताबिक, व्यक्तिगत दुख के बावजूद दीपके ने प्रदर्शन में शामिल होने के अपने फैसले पर कायम रहने की बात कही थी।
लोकतांत्रिक अधिकारों पर बहस तेज
CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने प्रदर्शनकारियों के अधिकारों, पुलिस की कार्रवाई और सार्वजनिक परिवहन पर प्रतिबंधों को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है। एक तरफ नेताओं ने कार्रवाई को दमनकारी बताया, वहीं लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। इस मामले में आगे की जांच और आधिकारिक प्रतिक्रियाएं घटनाक्रम को समझने के लिए निर्णायक होंगी।
