
दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के तहत 12.377 किलोमीटर लंबे इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ किया। कॉरिडोर के तैयार होने के बाद मध्य दिल्ली से गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे एनसीआर के प्रमुख शहरों तक सफर पहले से अधिक आसान और तेज होगा। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लाखों यात्रियों को हर बार राजीव चौक इंटरचेंज स्टेशन होकर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
राजीव चौक पर कम होगी भीड़
इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। इसके शुरू होने से यात्रियों को विभिन्न मेट्रो लाइनों के बीच नए विकल्प मिलेंगे, जिससे राजीव चौक पर होने वाली भारी भीड़ में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, पूर्वी दिल्ली और सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन तक पहुंचने वाले यात्रियों का समय भी बचेगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।

10 स्टेशन और 5 इंटरचेंज से मिलेगा बेहतर नेटवर्क
यह नया कॉरिडोर मजेंटा लाइन (लाइन-8) का हिस्सा होगा और इसमें कुल 10 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें इंद्रलोक, दया बस्ती, सराय रोहिल्ला, अजमल खान पार्क, झंडेवालान मंदिर, नबी करीम, नई दिल्ली, दिल्ली गेट, दिल्ली सचिवालय-आईजी स्टेडियम और इंद्रप्रस्थ शामिल हैं। इस कॉरिडोर पर पांच इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जबकि इंद्रलोक और नई दिल्ली स्टेशन पर ट्रिपल इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे यात्रियों को कई लाइनों के बीच आसानी से सफर करने का विकल्प मिलेगा।
नबी करीम स्टेशन बनेगा खास आकर्षण
इस परियोजना की सबसे खास विशेषता नबी करीम मेट्रो स्टेशन होगा। पहली बार दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में एक ही मजेंटा लाइन के दो अलग-अलग कॉरिडोर इसी स्टेशन पर आपस में जुड़ेंगे। इससे यात्रियों को उसी लाइन के भीतर आसानी से इंटरचेंज करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही झंडेवालान मंदिर, सदर बाजार और करोल बाग जैसे प्रमुख क्षेत्रों तक पहुंच भी पहले से अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।
