
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग और चोरी के मामले ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को और तेज कर दिया है। इस बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन (AIAA) के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मुद्दों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
VHP की वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल
एक इंटरव्यू में मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के समय से ही विश्व हिंदू परिषद की वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि रथ यात्रा के दौरान लगभग 1400 करोड़ रुपये जुटाए गए थे, लेकिन अब तक उसका पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में पारदर्शिता जरूरी है ताकि जनता के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।
चंपत राय की भूमिका पर भी उठाए सवाल
मौलाना रशीदी ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय खुद को VHP से अलग दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि मौजूदा विवाद का असर विश्व हिंदू परिषद पर न पड़े।
उन्होंने कहा कि जैसे ही VHP का नाम सामने आता है, पुराने वित्तीय सवाल भी चर्चा में आ जाते हैं। इसलिए मौजूदा मामले में अलग रणनीति अपनाई जा रही है।

SIT जांच के बीच बढ़ी सियासत
राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है। राज्य सरकार ने जांच पूरी करने के लिए SIT को 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया है, ताकि मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा सके।
इससे पहले 23 जून को SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसके आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई और 8 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।
विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा
इस पूरे विवाद को लेकर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
