
पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना शुक्रवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। राज्यभर के मतगणना केंद्रों पर पुलिस और प्रशासन की विशेष निगरानी रखी गई ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके। अधिकारियों के अनुसार केवल अधिकृत लोगों को ही केंद्रों के भीतर जाने की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही हर केंद्र पर सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की भी तैनाती की गई है जो मतगणना प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। शुरुआती नतीजों में आम आदमी पार्टी ने बढ़त बनाकर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। अब तक घोषित परिणामों में पार्टी सबसे आगे दिखाई दे रही है और इसे आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से बड़ा संकेत माना जा रहा है।
शुरुआती नतीजों में AAP सबसे आगे
अब तक सामने आए नतीजों के अनुसार आम आदमी पार्टी ने 158 वार्डों में जीत दर्ज कर ली है। वहीं कांग्रेस 48 वार्डों में जीत हासिल कर दूसरे नंबर पर दिखाई दे रही है। शिरोमणि अकाली दल को 44 वार्डों में सफलता मिली है जबकि भारतीय जनता पार्टी केवल 5 वार्डों में जीत दर्ज कर सकी है। इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा और उन्होंने 54 वार्डों में जीत हासिल कर सबको चौंका दिया। अभी तक कुल 309 वार्डों के परिणाम घोषित किए गए हैं जबकि पूरे राज्य में 1977 वार्डों के नतीजे आने बाकी हैं। ऐसे में अंतिम तस्वीर आने तक राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज बनी हुई हैं।

26 मई को हुआ था मतदान
पंजाब में 26 मई को 8 नगर निगमों 75 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के लिए मतदान कराया गया था। जिन नगर निगमों में चुनाव हुए उनमें मोहाली बठिंडा अबोहर बरनाला कपूरथला मोगा बटाला और पठानकोट शामिल हैं। इस बार चुनाव मतपत्र के जरिए कराए गए और राज्य में कुल 63.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनावी मैदान में कुल 7554 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। आम आदमी पार्टी कांग्रेस भाजपा और शिरोमणि अकाली दल समेत सभी प्रमुख दलों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी थी। कई सीटों पर मुकाबला बेहद कांटे का माना जा रहा था और स्थानीय मुद्दों के साथ विकास के वादे भी चुनावी चर्चा के केंद्र में रहे।
आनंदपुर साहिब में AAP का दमदार प्रदर्शन
आनंदपुर साहिब नगर काउंसिल चुनाव में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 में से 11 वार्डों में जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। इस जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सेमीफाइनल की तरह देखे जा रहे हैं। यही वजह है कि सभी दलों ने इन चुनावों को प्रतिष्ठा की लड़ाई बना लिया था। दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने चुनाव प्रचार और मतदान के दौरान आम आदमी पार्टी सरकार पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे हालांकि सरकार ने इन सभी आरोपों को खारिज किया। अब सभी की नजर अंतिम नतीजों पर टिकी हुई है क्योंकि ये परिणाम आने वाले समय में पंजाब की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।
