
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर लगाए गए कथित विवादित पोस्टरों ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। पोस्टर सामने आने के बाद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताते हुए पुलिस से दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
विवादित पोस्टरों के बाद सड़कों पर उतरे सपा कार्यकर्ता
पोस्टरों की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और नेता नगर कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और जल्द कार्रवाई की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शन शांत हुआ।

सपा ने माहौल बिगाड़ने का लगाया आरोप
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज अहमद के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अज्ञात लोगों ने अखिलेश यादव की छवि खराब करने और समाज में तनाव पैदा करने की नीयत से आपत्तिजनक पोस्टर लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं तथा दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी दिखा विरोध
बाराबंकी की घटना के बाद प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कुछ स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने कथित विवादित पोस्टरों की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश जताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं के खिलाफ इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
पुलिस ने दर्ज की शिकायत, जांच जारी
पुलिस ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पोस्टर लगाने वालों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी हलचल
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति पहले से ही काफी सक्रिय है। विवादित पोस्टरों को लेकर सपा ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है, जबकि मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल सभी की निगाहें जांच के नतीजों और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
