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पेपर लीक विवाद के बाद सबसे बड़ी परीक्षा, पूरे देश में सुरक्षा का अभूतपूर्व घेरा

NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद आज देशभर में दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है। लगभग 22 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। पिछले विवादों से सबक लेते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और राज्य प्रशासन ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक मजबूत किया है।

चार स्तर की जांच के बाद मिलेगा प्रवेश

इस बार परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों को कई चरणों की जांच से गुजरना होगा। आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, फेस रिकॉग्निशन और लाइव फोटो कैप्चरिंग की व्यवस्था की गई है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।

परीक्षा केंद्रों के गेट दोपहर 1:30 बजे बंद कर दिए जाएंगे और इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा।

AI आधारित निगरानी और सीसीटीवी का पहरा

री-एग्जाम की सबसे बड़ी खासियत AI आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम है। परीक्षा केंद्रों पर हाई-रिजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, उड़न दस्ते और सिग्नल जैमर तैनात किए गए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के लिए विशेष कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।

प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग से लेकर वितरण तक पूरी प्रक्रिया को सीसीटीवी निगरानी में रखा गया है। हर प्रश्नपत्र पर विशेष पहचान चिन्ह भी लगाए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके।

पेपर लीक विवाद के बाद सबसे बड़ी परीक्षा, पूरे देश में सुरक्षा का अभूतपूर्व घेरा

राज्यों में हाई अलर्ट, सुरक्षा के विशेष इंतजाम

बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में परीक्षा को लेकर हाई अलर्ट घोषित किया गया है। बिहार के बापू परीक्षा परिसर को हाई-सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया है, जबकि दिल्ली में परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों के लिए विशेष कूलिंग जोन बनाए गए हैं।

जयपुर, भोपाल और रायपुर में भी पुलिस बल, जैमर और निगरानी टीमों की तैनाती की गई है। अधिकारियों को लगातार केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

छात्रों और अभिभावकों की उम्मीदें

पिछली परीक्षा में हुई अनियमितताओं के कारण कई छात्र और अभिभावक अब भी चिंतित हैं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि इस बार पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाया गया है। अभिभावकों की उम्मीद है कि वर्षों की मेहनत के बाद छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिलेगा।

भरोसे की परीक्षा भी है यह री-एग्जाम

NEET UG 2026 का री-एग्जाम केवल मेडिकल प्रवेश परीक्षा नहीं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता की भी परीक्षा है। लाखों छात्रों के सपनों और भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना प्रशासन और NTA दोनों के लिए बड़ी चुनौती है। अब पूरे देश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह परीक्षा बिना किसी विवाद के सफलतापूर्वक पूरी हो सके।

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