
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल मंगलवार को साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे। उन्होंने सिविल लाइंस स्थित अपने सरकारी आवास से हाईकोर्ट तक करीब तीन किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय की। उनका यह कदम पेट्रोल-डीजल की बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
सड़क पर लोगों ने देखा अनोखा दृश्य
जब एक हाईकोर्ट जज को साइकिल चलाते हुए शहर की व्यस्त सड़कों पर देखा गया तो राहगीर और कोर्ट परिसर में मौजूद लोग हैरान रह गए। उनके साथ एक कोर्ट कर्मचारी भी साइकिल से जरूरी सामान और टिफिन लेकर चलता नजर आया। यह दृश्य शहर में चर्चा का विषय बन गया और लोगों ने इस पहल को सकारात्मक रूप में देखा।

साइकिल को अपनाने की दी सलाह
हाईकोर्ट पहुंचने के बाद जस्टिस डीडी बंसल ने कहा कि समाज में यह धारणा गलत है कि उच्च पदों पर बैठे लोग साइकिल से नहीं जा सकते। उन्होंने अपील की कि जहां तक संभव हो लोगों को साइकिल का उपयोग करना चाहिए। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने इसे देशहित से जुड़ा मुद्दा बताया।
पीएम मोदी की अपील से मिली प्रेरणा
जस्टिस बंसल ने बताया कि उन्हें यह प्रेरणा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा से मिली है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने ईंधन बचाने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की सलाह दी थी। जज की यह पहल अब पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिकता का संदेश बनकर सामने आई है।
