लखनऊ में तांगा चालक की हत्या का खुलासा, प्रेमिका ने दो साथियों और नाबालिग बेटे संग रची साजिश

लखनऊ के मोहनलालगंज में नहर से लकड़ी के बक्से में मिले 40 वर्षीय तांगा चालक के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक की प्रेमिका ने अपने दो साथियों और नाबालिग बेटे की मदद से उसकी हत्या की और शव को बक्से में छिपाकर नहर में फेंक दिया।
नहर में बक्से के अंदर मिला था शव
मामला मोहनलालगंज के भावाखेड़ा इलाके का है। हाईवे किनारे मदारीखेड़ा जाने वाले रास्ते पर बुधवार को नहर में एक लकड़ी का बक्सा मिला था। बक्सा खोलने पर उसके अंदर करीब 40 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। शव की पहचान दुबग्गा निवासी तांगा चालक रामकिशोर के रूप में हुई।
180 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
पुलिस ने घटना का खुलासा करने के लिए हाईवे और आसपास लगे करीब 180 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पुलिस को एक ई-रिक्शा दिखाई दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने आगे की पड़ताल शुरू की।
ई-रिक्शा के नंबर से मिली जानकारी के बाद पुलिस मृतक की पहचान तक पहुंची। इसके बाद मृतक की पहली पत्नी कविता देवी की तहरीर पर सूफिया बानो समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।

पहली पत्नी को छोड़कर प्रेमिका के साथ रहता था
पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के मुताबिक, रामकिशोर पिछले करीब चार साल से अपनी पहली पत्नी से अलग रह रहा था और कटरा मोहल्ला निवासी सूफिया बानो के साथ रह रहा था।
पुलिस पूछताछ में सूफिया ने कथित तौर पर बताया कि दोनों ने करीब दो साल पहले शादी कर ली थी। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान रामकिशोर को सूफिया और उसके परिचित मुन्ना के बीच कथित संबंधों की जानकारी हुई थी। पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर घर में विवाद होता था।
सोते समय हत्या का आरोप
पुलिस के मुताबिक, सोमवार देर रात सूफिया ने दुबग्गा निवासी मुन्ना और बालागंज निवासी इकबाल को फोन करके बुलाया। आरोप है कि इसके बाद सो रहे रामकिशोर पर चाकू से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपितों ने कथित तौर पर घर के फर्श की लिपाई-पुताई कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।
बिस्तर के नीचे छिपाया शव
पुलिस की जांच के मुताबिक, हत्या के बाद शव को लकड़ी के एक बड़े बक्से में रखा गया। बताया गया है कि बक्सा करीब चार फीट लंबा, चार फीट चौड़ा और करीब चार फीट गहरा था।
आरोप है कि सूफिया ने अपने 16 वर्षीय बेटे और अन्य आरोपितों की मदद से बक्से को बिस्तर के नीचे छिपा दिया। डर की वजह से शव को दिनभर घर में ही रखा गया।
देर रात ई-रिक्शा से ले जाकर नहर में फेंका
पुलिस के अनुसार, देर रात बक्से को ई-रिक्शा पर लादा गया और आरोपित उसे मोहनलालगंज इलाके में लेकर पहुंचे। इसके बाद बक्से को नहर में फेंक दिया गया।
CCTV फुटेज और अन्य जांच के आधार पर पुलिस ने सूफिया बानो, इकबाल और मुन्ना को गिरफ्तार किया है। सूफिया के 16 वर्षीय बेटे को पुलिस ने संरक्षण में लिया है।
ई-रिक्शा और चाकू बरामद
पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए जाने की बात कही जा रही ई-रिक्शा और चाकू बरामद किया है। पुलिस अब मामले में अन्य साक्ष्यों को भी जुटा रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच में हत्या की वजह और घटनाक्रम के संबंध में ये बातें सामने आई हैं। मामले में आरोपितों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
