दिल्ली अग्निकांड ने मचाया कोहराम तीन लोगों की जान गई मौके पर अफरा तफरी

राष्ट्रीय राजधानी Delhi के रोहिणी क्षेत्र स्थित मांगे राम पार्क में बुधवार देर रात एक दर्दनाक अग्निकांड हुआ। इस घटना में झुग्गी बस्ती में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई जिनमें पति पत्नी और एक बच्चा शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई और स्थानीय लोग आग बुझाने के प्रयास में जुट गए।
फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई और नियंत्रण प्रयास
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड को रात करीब 1 बजे अलर्ट किया गया और लगभग 1 बजकर 25 मिनट पर आग की पुष्टि हुई। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। कुल छह दमकल गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर अधिकारियों के अनुसार झुग्गियों में कबाड़ का सामान जमा किया जाता था जिससे आग तेजी से फैली। हालांकि समय पर पहुंची टीम ने आग को आसपास की और झुग्गियों में फैलने से रोक दिया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया।

जांच में जुटी पुलिस और सामने आई शुरुआती जानकारी
Delhi Police ने इस अग्निकांड की जांच शुरू कर दी है। फायर अधिकारी अजय शर्मा के अनुसार यह घटना बुद्ध विहार के एक प्लॉट में बनी झुग्गियों में हुई जहां केवल तीन लोग ही रहते थे। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और सभी संभावित पहलुओं को खंगाला जा रहा है। शुरुआती जांच में किसी तरह की साजिश या शॉर्ट सर्किट की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की जांच तेज कर दी गई है।
स्थानीय लोगों में शोक और प्रशासन की कार्रवाई
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। स्थानीय लोगों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग की तीव्रता बहुत अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। कई झुग्गियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं। घटना के बाद प्रशासन ने इलाके का निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों की सहायता के निर्देश दिए हैं। फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि आग कैसे लगी और इसे रोकने में किन खामियों की वजह से देरी हुई। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर झुग्गी बस्तियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
