रणबीर कपूर और यश का फेस ऑफ टला, रामायण को लेकर चौंकाने वाली खबर

निर्देशक नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। फिल्म के फर्स्ट लुक रिलीज के बाद से ही फैंस की उत्सुकता कई गुना बढ़ गई है। टीजर में रणबीर कपूर को भगवान राम के रूप में दिखाया गया है, जिसने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है। वहीं यश को रावण के रूप में पेश किया गया, लेकिन उनका चेहरा छिपाकर रखा गया है, जिससे सस्पेंस और भी गहरा गया है। इस झलक के बाद फैंस को राम और रावण के बीच महायुद्ध देखने की उम्मीद और भी बढ़ गई थी।
दो पार्ट में रिलीज होगी फिल्म
फिल्म ‘रामायण’ को दो बड़े हिस्सों में रिलीज करने की योजना बनाई गई है। इसका पहला पार्ट साल 2026 की दिवाली पर रिलीज होगा जबकि दूसरा पार्ट 2027 की दिवाली पर सिनेमाघरों में दस्तक देगा। लेकिन हाल ही में यश के एक बयान ने फैंस को थोड़ा निराश कर दिया है। उन्होंने खुलासा किया है कि पहले पार्ट में राम और रावण आमने-सामने नहीं आएंगे। यानी कि जिस फेस-ऑफ का इंतजार दर्शक कर रहे थे, वह दूसरे पार्ट में ही देखने को मिलेगा। यह फैसला कहानी को विस्तार देने और हर किरदार की गहराई को बेहतर तरीके से दिखाने के लिए लिया गया है।

सेट पर रणबीर और यश की केमिस्ट्री
हाल ही में सिनेमाकॉन इवेंट के दौरान यश ने रणबीर कपूर के साथ अपने रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि भले ही वे दोनों पहले पार्ट में साथ नजर नहीं आएंगे, लेकिन असल जिंदगी में उनकी अच्छी बॉन्डिंग है। यश ने कहा कि दोनों कलाकार कई बार मिल चुके हैं और रणबीर एक शानदार अभिनेता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ‘रामायण’ जैसी विशाल और ऐतिहासिक कहानी को पेश करते समय सभी का एक ही मकसद है कि इसे बेहतरीन तरीके से दर्शकों तक पहुंचाया जाए। यही वजह है कि टीम के बीच आपसी तालमेल काफी मजबूत है और सभी इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद समर्पित हैं।
4000 करोड़ का भव्य प्रोजेक्ट
‘रामायण’ को भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है, जिसका बजट करीब 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इस फिल्म के संगीत के लिए ए आर रहमान और हंस ज़िमर जैसे दिग्गज पहली बार साथ आए हैं, जो इसे और खास बनाता है। सिनेमाकॉन 2026 में राम, सीता और रावण के कॉस्ट्यूम्स का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे यह साफ हो गया कि फिल्म को वैश्विक स्तर पर पेश करने की तैयारी है। यह पहली बार होगा जब भारतीय पौराणिक कथा को इतने बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने रखा जाएगा, जिससे भारतीय सिनेमा को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
