
बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर माहौल गरमा गया है। जमुई की भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह ने पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के एक बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मीडिया से बातचीत के दौरान श्रेयसी सिंह ने साफ कहा कि उनका खून गुस्से से खौल रहा है और यह मामला केवल राजनीति तक सीमित नहीं है बल्कि महिलाओं के सम्मान से जुड़ा हुआ गंभीर विषय है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है और दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
पप्पू यादव के बयान से शुरू हुआ पूरा विवाद
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब पप्पू यादव ने महिलाओं की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत में महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता है लेकिन वास्तविकता में उन्हें वह सम्मान नहीं मिलता जिसकी वे हकदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए समाज और सिस्टम दोनों जिम्मेदार हैं। इसके अलावा उन्होंने राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि कई बार महिलाओं को गलत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उनके इस बयान को कुछ लोगों ने सामाजिक सच्चाई के रूप में देखा तो वहीं कई नेताओं ने इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया और कड़ी आपत्ति जताई।

श्रेयसी सिंह का पलटवार और तीखे सवाल
श्रेयसी सिंह ने इस बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि इस तरह की सोच बेहद खतरनाक है और समाज में गलत संदेश देती है। उन्होंने पप्पू यादव की निजी जिंदगी का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पत्नी एक सक्रिय और सम्मानित राजनीतिक चेहरा रही हैं और कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भविष्य में उनकी बेटी किसी पेशेवर क्षेत्र में जाती है तो क्या वे उसी तरह की टिप्पणी करेंगे। श्रेयसी सिंह ने इस बयान को महिलाओं के प्रति नकारात्मक मानसिकता का प्रतीक बताया और इसे समाज के लिए चिंताजनक बताया।
“कौरव मानसिकता” का आरोप और बढ़ती राजनीतिक बहस
श्रेयसी सिंह यहीं नहीं रुकीं और उन्होंने पप्पू यादव की सोच को “कौरव जैसी मानसिकता” करार देते हुए कहा कि यह महिलाओं का अपमान करने वाला दृष्टिकोण है। उन्होंने मांग की कि पप्पू यादव देश की सभी महिलाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और उनसे स्पष्ट रुख अपनाने को कहा। इस बीच बिहार राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पप्पू यादव को नोटिस जारी किया है। अब इस पूरे मामले पर राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बहस तेज हो गई है और सभी की नजरें आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
