
बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में कथित पुलिस एनकाउंटर में जान गंवाने वाले भरत भूषण तिवारी का मंगलवार को श्राद्धकर्म और ब्रह्मभोज आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं। श्रद्धांजलि सभा में आसपास के गांवों के अलावा विभिन्न स्थानों से लोग पहुंचकर भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर बैठने, भोजन और पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है।
भोजन और श्रद्धांजलि सभा के लिए विशेष इंतजाम
श्राद्ध और ब्रह्मभोज को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्थाएं की गई हैं। भोजन तैयार करने के लिए एलपीजी सिलेंडर और कोयले दोनों का उपयोग किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के बैठने के लिए भरत तिवारी के घर के पास बड़ा वाटरप्रूफ टेंट लगाया गया है ताकि बारिश की स्थिति में भी कार्यक्रम प्रभावित न हो। पेयजल की व्यवस्था के लिए पानी के टैंकर लगाए गए हैं और स्थानीय स्वयंसेवक व्यवस्थाओं की निगरानी में जुटे हैं।

परिवार ने दोहराई न्याय की मांग
भरत तिवारी के परिजनों का कहना है कि वे कार्यक्रम को पूरी गरिमा और शांति के साथ संपन्न कराना चाहते हैं। परिवार ने बताया कि कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने स्वेच्छा से सहयोग किया है। इस दौरान भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने कहा कि उन्हें अब भी न्यायपालिका पर भरोसा है, लेकिन अब तक जांच और कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन भरत तिवारी की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति नहीं देगा, तो परिवार अपने स्तर पर प्रतिमा बनवाएगा।
क्या है पूरा मामला?
17 जून 2026 को भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत भूषण तिवारी की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर परिजनों ने शुरुआत से ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और परिजन न्याय मिलने की उम्मीद जता रहे हैं।
