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महारानी दुर्गावती जयंती पर अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान, सोने की प्रतिमा लगाने का वादा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने महारानी दुर्गावती जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में आदिवासी समाज और बहुजन वर्ग के सम्मान को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने महारानी दुर्गावती को भारत की सबसे साहसी और कुशल प्रशासकों में से एक बताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर उनकी सोने की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि महारानी दुर्गावती और Rani Lakshmibai जैसी वीरांगनाएं भारतीय इतिहास की गौरवशाली विरासत हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी बहुजन समाज और आदिवासी समुदाय के महापुरुषों एवं वीर हस्तियों को उचित सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

राम मंदिर मामले में SIT जांच पर उठाए सवाल

अयोध्या राम मंदिर में कथित दान अनियमितताओं की जांच को लेकर भी अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने SIT जांच पर तंज कसते हुए कहा कि “SIT का मतलब क्या है- शेयर इन थेफ्ट या सेंध इन ट्रस्ट?” उन्होंने आरोप लगाया कि आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता होनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो सच सामने आना चाहिए।

महारानी दुर्गावती जयंती पर अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान, सोने की प्रतिमा लगाने का वादा

सपा प्रमुख ने दावा किया कि जो लोग कथित गड़बड़ियों को उजागर कर रहे हैं, उनके खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का राजनीतिक उपयोग नहीं होना चाहिए।

अलीगंज अग्निकांड पर सरकार को घेरा

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो कई लोगों की जान बच सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारियां निभाने में विफल रहे।

उन्होंने कहा कि बचाव अभियान के दौरान कई जरूरी संसाधनों और उपकरणों की कमी दिखाई दी। साथ ही उन्होंने पुराने हादसों का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्थाओं की अनदेखी लगातार गंभीर घटनाओं का कारण बन रही है।

पर्यावरण और भूमि आवंटन पर भी उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने पर्यावरण संरक्षण और भूमि आवंटन के मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनों के आवंटन को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

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