राज्य

नूंह में 1200 एकड़ में बसेगा नया शहर, विकास और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार

हरियाणा के सबसे पिछड़े जिलों में शामिल नूंह अब विकास की नई राह पर बढ़ने जा रहा है। राज्य सरकार ने जिले में करीब 1200 एकड़ भूमि पर एक आधुनिक नियोजित शहर विकसित करने की योजना बनाई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जिम्मेदारी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) को सौंपी गई है। सरकार का उद्देश्य नूंह को आधुनिक शहरी सुविधाओं से जोड़ते हुए रोजगार, निवेश और बेहतर बुनियादी ढांचे का केंद्र बनाना है। इस परियोजना के पूरा होने से पूरे मेवात क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

सहमति आधारित भूमि अधिग्रहण और आधुनिक सुविधाएं

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बार भूमि अधिग्रहण पूरी तरह किसानों की सहमति से होगा। इच्छुक किसान ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से 31 अगस्त तक अपनी जमीन बेचने का प्रस्ताव दे सकेंगे। परियोजना के लिए नूंह, जाखोपुर, खेड़ला, नलहड़, डुंडाहेड़ी, फिरोजपुर नमक और सालाहेड़ी सहित कई गांवों की लगभग 1197.61 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। नई टाउनशिप में चौड़ी सड़कें, सीवर नेटवर्क, पेयजल व्यवस्था, बिजली, पार्क, स्कूल, अस्पताल और अन्य आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।

नूंह में 1200 एकड़ में बसेगा नया शहर, विकास और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार

रोजगार, निवेश और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

अधिकारियों का मानना है कि नई टाउनशिप बनने के बाद नूंह में बड़े पैमाने पर निजी निवेश आएगा। निर्माण कार्य के दौरान और उसके बाद हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। साथ ही परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, होटल, व्यापार और सेवा क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होंगे। बेहतर सड़क संपर्क और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ आसपास के गांवों को भी मिलेगा। एनसीआर का हिस्सा होने के बावजूद अब तक योजनाबद्ध शहरी विकास से वंचित नूंह को इस परियोजना से नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

किसानों का भरोसा जीतना होगी सबसे बड़ी चुनौती

इस परियोजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती किसानों का विश्वास जीतना है। नूंह में पहले भी भूमि अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर विवाद हो चुके हैं, जिसके कारण वर्ष 2010 की परियोजनाएं अधूरी रह गई थीं। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस बार पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाया है। यदि योजना तय समय पर आगे बढ़ती है तो नूंह आने वाले वर्षों में केवल पिछड़े जिले की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एनसीआर के उभरते शहरी केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button