राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में वाराणसी कनेक्शन, आउटसोर्सिंग और बैंकिंग व्यवस्था जांच के घेरे में

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। अब इस मामले में वाराणसी कनेक्शन सामने आया है। जांच में पता चला है कि गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से छह एक निजी सिक्योरिटी एजेंसी के कर्मचारी थे। यह एजेंसी कथित तौर पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की मांग पर कर्मचारियों की आपूर्ति करती थी। इन्हीं कर्मचारियों को बाद में राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती और नकदी संभालने जैसे संवेदनशील कार्यों में लगाया गया। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां भर्ती प्रक्रिया से लेकर पूरी कार्यप्रणाली की जांच कर रही हैं।
भर्ती प्रक्रिया और कर्मचारियों की भूमिका पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, SBI ने कैश काउंटिंग के लिए 19 कर्मचारियों की मांग की थी, जिसके बाद वाराणसी की निजी एजेंसी ने कर्मचारियों को उपलब्ध कराया। बताया जा रहा है कि इन कर्मचारियों को मूल रूप से हाउसकीपिंग कार्यों के लिए नियुक्त किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें नकदी गिनने और चढ़ावे से जुड़े कामों में लगाया गया। जांच में यह भी आरोप सामने आए हैं कि कुछ नियुक्तियां सिफारिश के आधार पर हुई थीं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

ऑडिट रिपोर्ट से बढ़ा चोरी का शक
जानकारी के अनुसार, मंदिर ट्रस्ट को जनवरी में नियमित ऑडिट के दौरान चढ़ावे की राशि में कथित असामान्य गिरावट और रिकॉर्ड में विसंगतियों का संकेत मिला था। इसके बाद आंतरिक स्तर पर कई सुधारात्मक सुझाव दिए गए, जिनमें खातों की विस्तृत जांच, अलग विभाग प्रमुख की नियुक्ति, विदेशी मुद्रा के लिए अलग व्यवस्था, कर्मचारियों की सख्त जांच और ड्रेस कोड लागू करने जैसे प्रस्ताव शामिल थे। बाद में निगरानी के लिए गुप्त कैमरे लगाए गए, जिनकी रिकॉर्डिंग के आधार पर कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया।
पूरी व्यवस्था की गहन जांच जारी
मामला अब केवल कथित चोरी तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां आउटसोर्सिंग व्यवस्था, कर्मचारियों के सत्यापन, कैश हैंडलिंग प्रक्रिया, बैंक और एजेंसी के बीच हुए करार तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी जांच कर रही हैं। निजी एजेंसी का कहना है कि उसका सीधा संबंध मंदिर ट्रस्ट से नहीं बल्कि केवल SBI के साथ था और कर्मचारियों से मंदिर में कौन-सा कार्य कराया गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
