रवनीत बिट्टू का बड़ा खुलासा अब अफसरों पर ED का कसने वाला है शिकंजा

पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय की हालिया कार्रवाई के बाद कारोबारी और रियल एस्टेट जगत में हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को विभिन्न स्थानों पर हुई छापेमारी ने कई बड़े नेटवर्क को जांच के दायरे में ला दिया है। खास बात यह है कि जिन लोगों और कंपनियों पर कार्रवाई हुई है उनके संबंध विज्ञापन एजेंसियों, कंस्ट्रक्शन कंपनियों और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने बाजार में डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।
टेंडर घोटाले और नियमों के उल्लंघन के आरोप
जांच में सामने आया है कि कई विज्ञापन और कंस्ट्रक्शन एजेंसियों ने सरकारी तंत्र का फायदा उठाकर नियमों की अनदेखी की है। आरोप है कि शर्तों में हेरफेर कर करोड़ों रुपये के टेंडर हासिल किए गए। कई मामलों में अधिकारियों पर दबाव बनाकर एग्रीमेंट में बार-बार बदलाव किए गए जिससे हर साल भारी मुनाफा कमाया गया। कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर भी आरोप है कि उन्होंने पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स के टेंडर बेहद कम कीमत पर लेकर बाद में लागत और बिलिंग में मनमानी की।

रियल एस्टेट और ब्लैक मनी कनेक्शन की जांच तेज
रियल एस्टेट सेक्टर में भी बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है। कई प्रोजेक्ट्स में कम कीमत पर जमीन खरीदकर ऊंचे दामों पर यूनिट बेचने के आरोप सामने आए हैं। बीआरएस नगर, हंबड़ां रोड, हवास और बद्दोवाल जैसे इलाकों के प्रोजेक्ट्स जांच के घेरे में हैं। इसके अलावा मैच फिक्सिंग से जुड़े कुछ नाम भी इस जांच में सामने आए हैं जो कथित तौर पर शेयर बाजार और रियल एस्टेट के जरिए काले धन को सफेद करने में लगे थे। इन लोगों के विदेशी लेनदेन और ब्लैक मनी ट्रांसफर की भी जांच की जा रही है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज, अफसरों पर भी कार्रवाई के संकेत
इस पूरे मामले ने राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया है। केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने कहा है कि अब उन अधिकारियों की बारी आएगी जो नेताओं के साथ मिलकर गलत काम कर रहे हैं। उन्होंने लैंड पूलिंग के नाम पर किसानों की जमीन सस्ते में लेकर महंगे दामों पर बेचने की योजना का भी जिक्र किया जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। वहीं आम आदमी पार्टी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
