
Rekha Gupta के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने राशन व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट बैठक में सरकार ने राशन कार्ड के लिए सालाना पारिवारिक आय सीमा को 1 लाख 30 हजार रुपये से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर दिया है। इस फैसले के बाद अब दिल्ली के लाखों और परिवार राशन योजना का लाभ लेने के दायरे में आ जाएंगे। सरकार का कहना है कि बदलती आर्थिक परिस्थितियों और महंगाई को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि जरूरतमंद लोगों तक सरकारी सहायता पहुंच सके। इसके साथ ही सरकार ने राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल करेंसी आधारित नई व्यवस्था लागू करने का ऐलान भी किया है। माना जा रहा है कि यह फैसला दिल्ली की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। सरकार इस कदम को गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए राहत के तौर पर पेश कर रही है।
अब डिजिटल करेंसी से मिलेगा राशन, धांधली रोकने की तैयारी
दिल्ली सरकार ने राशन वितरण में होने वाली कथित गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए डिजिटल करेंसी मॉडल लागू करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत राशन कार्ड धारकों के बैंक खातों में डिजिटल करेंसी ट्रांसफर की जाएगी। इसके बाद लाभार्थी उसी डिजिटल करेंसी के जरिए राशन खरीद सकेंगे। सरकार का दावा है कि इससे राशन की चोरी, कालाबाजारी और फर्जी लाभार्थियों की समस्या पर काफी हद तक रोक लगेगी। अधिकारियों के मुताबिक यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल निगरानी के दायरे में रहेगी जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। दिल्ली सरकार इसे भविष्य की स्मार्ट राशन प्रणाली बता रही है। हालांकि विपक्ष इस मॉडल पर सवाल भी उठा रहा है और कह रहा है कि तकनीकी समस्याओं के कारण गरीबों को परेशानी हो सकती है। फिर भी सरकार का मानना है कि डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद राशन वितरण पहले से अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हो जाएगा।

लाखों राशन कार्ड रद्द, अब नए कार्ड जारी करेगी सरकार
दिल्ली सरकार ने हाल ही में राशन कार्डों का बड़ा ऑडिट कराया था जिसमें बड़ी संख्या में अनियमितताएं सामने आईं। सरकार के अनुसार लगभग 7 लाख 72 हजार सदस्यों के नाम राशन कार्ड सूची से हटाए गए हैं। इनमें ऐसे लोग शामिल थे जो आय मानदंड में फिट नहीं बैठते थे या लंबे समय से राशन नहीं ले रहे थे। इसके अलावा हजारों मामलों में डुप्लिकेट राशन कार्ड और मृत लाभार्थियों के नाम भी सामने आए। सरकार ने बताया कि 1.44 लाख ऐसे लाभार्थी पाए गए जिनकी आय तय सीमा से अधिक थी। वहीं 35 हजार से ज्यादा लोग लंबे समय से राशन नहीं ले रहे थे जबकि करीब 29 हजार लाभार्थी मृत पाए गए। 23 हजार से ज्यादा राशन कार्ड डुप्लिकेट मिले। अब सरकार इनकी जगह नए पात्र परिवारों को राशन कार्ड जारी करेगी। खास बात यह है कि पिछले 13 वर्षों में दिल्ली में नए राशन कार्ड जारी नहीं किए गए थे। ऐसे में यह फैसला लाखों नए परिवारों के लिए राहत लेकर आ सकता है।
चुनावी माहौल में फैसले के राजनीतिक मायने भी अहम
राजनीतिक जानकार इस फैसले को केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि बड़ा राजनीतिक कदम भी मान रहे हैं। दिल्ली में महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों के बीच सरकार राशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करके आम जनता तक सीधा संदेश देना चाहती है। आय सीमा बढ़ाने से बड़ी संख्या में निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवार सरकारी योजना से जुड़ सकेंगे। वहीं डिजिटल करेंसी मॉडल को लेकर भी देशभर में चर्चा शुरू हो गई है क्योंकि यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीक के इस्तेमाल का नया प्रयोग माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और सही लोगों तक लाभ पहुंचेगा। आने वाले समय में यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। फिलहाल दिल्ली की जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि नई व्यवस्था जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है और क्या इससे वास्तव में राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ती है।
