
तमिलनाडु की राजनीति में लंबे इंतजार के बाद टीवीके प्रमुख विजय को राज्यपाल से मिलने का समय मिल गया है। वे अब राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश करेंगे। इससे पहले प्रशासनिक और राजनीतिक प्रक्रियाओं में कई अड़चनें आईं, जिससे दावा पेश करने की प्रक्रिया बार-बार टलती रही। राजनीतिक हलकों में इसे सत्ता परिवर्तन की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।
बहुमत का गणित हुआ साफ, 120 विधायकों का समर्थन हासिल
विजय ने सरकार गठन के लिए जरूरी बहुमत हासिल कर लिया है और उनके पास अब 120 विधायकों का समर्थन है। इसमें वीसीके, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और अन्य सहयोगी दलों का समर्थन शामिल है। पहले कांग्रेस ने भी समर्थन की घोषणा की थी। बहुमत स्पष्ट होने के बाद टीवीके कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया और कई जगहों पर जश्न का माहौल बन गया।

राजनीतिक पेचिदगियों के बीच राज्यपाल से मुलाकात में देरी
सरकार गठन की प्रक्रिया के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब विजय को राज्यपाल से मिलने का निर्धारित समय नहीं मिल सका, जिससे उन्हें लौटना पड़ा। हालांकि बाद में लोकभवन से नए संदेश के बाद उन्हें दोबारा बुलाया गया। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक अनिश्चितता को कुछ समय के लिए और बढ़ा दिया, लेकिन बाद में प्रक्रिया आगे बढ़ गई।
चुनाव परिणाम और गठबंधन समीकरण से बदली तस्वीर
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जिसमें विजय स्वयं दो सीटों से विजयी रहे। गठबंधन समर्थन के बाद पार्टी का संख्या बल 120 तक पहुंच गया। सीपीआई, सीपीएम, कांग्रेस और अन्य दलों के समर्थन ने स्थिति को मजबूत किया है। पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी विजय को नई सरकार बनाने के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
