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MP Investors Summit: प्रधानमंत्री मोदी ने भोपाल में निवेशक सम्मेलन का उद्घाटन किया, मध्य प्रदेश को बनाया निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य

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MP Investors Summit: प्रधानमंत्री मोदी ने भोपाल में निवेशक सम्मेलन का उद्घाटन किया, मध्य प्रदेश को बनाया निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य

MP Investors Summit: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित ‘इन्वेस्ट मध्य प्रदेश – ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2025′ का उद्घाटन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य राज्य में निवेशकों और उद्योगपतियों के लिए मध्य प्रदेश के विशाल विकास अवसरों को प्रदर्शित करना है। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी अपने निर्धारित समय से लगभग 30 मिनट देरी से पहुंचे। उन्होंने अपनी देरी के लिए सभी उपस्थित dignitaries से माफी मांगी और बताया कि 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों की परीक्षा के कारण उन्होंने राजभवन से निकलने का समय कुछ देर से तय किया ताकि छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक बिना किसी परेशानी के पहुंचने में मदद मिल सके।

भारत की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बनने का विश्वास जताया

प्रधानमंत्री मोदी ने समिट के उद्घाटन के दौरान कहा कि विश्व बैंक ने हाल ही में अपनी ‘ग्लोबल इकॉनॉमिक प्रोस्पेक्ट्स’ रिपोर्ट में यह आश्वासन दिया है कि आने वाले वर्षों में भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना रहेगा। उन्होंने कहा, “भारत ने हाल ही में कोविड-19 महामारी के बाद अर्थव्यवस्था को पुनः संजीवित किया है और हम आगे भी इसी गति से विकास करेंगे।” मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब वैश्विक ‘एरोस्पेस’ कंपनियों के लिए एक प्रमुख आपूर्ति श्रृंखला केंद्र के रूप में उभर रहा है, जिससे देश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।

‘डबल इंजन’ सरकार और मध्य प्रदेश में निवेश के नए अवसर

प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर मध्य प्रदेश सरकार की 18 नई नीतियों का भी उद्घाटन किया, जो राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के लिए तैयार की गई हैं। उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश में अविश्वसनीय प्रतिभा और प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों का एक मजबूत आधार है, जिससे यह राज्य निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बन गया है।” मोदी ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में ‘डबल इंजन’ सरकार की स्थापना के बाद राज्य में विकास की गति दोगुनी हो गई है, जिससे यहाँ निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में हो रहा है क्रांति

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्षेत्र में भारत में क्रांति लाने वाले प्रमुख राज्यों में से एक बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन और विक्रय के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं, जिससे यह क्षेत्र और तेज़ी से विकसित होगा। इसके साथ ही, मोदी ने यह भी कहा कि भविष्य में पर्यटन, टेक्नोलॉजी और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

मध्य प्रदेश के विकास में बढ़ती हुई भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश को एक प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में उभरते हुए देखा और कहा, “मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में उद्योगों का विकास हो रहा है, जो राज्य के विकास को और तेज़ी से आगे बढ़ाएंगे। यहाँ की नीतियों और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण इसे एक आकर्षक निवेश स्थल बना रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में बढ़ती हुई बुनियादी सुविधाओं और बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन के कारण, यहाँ निवेश के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।

सरकारी योजनाओं और नीति सुधारों से मध्य प्रदेश को मिलेगा फायदा

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार की नीतियाँ राज्य में निवेशकों के लिए उपयुक्त वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि सरकार ने अब तक कई ऐसी योजनाएँ बनाई हैं जो न सिर्फ उद्योगों के लिए बल्कि आम नागरिकों के लिए भी लाभकारी साबित होंगी। सरकार के प्रयासों से राज्य में निवेश का माहौल मजबूत हो रहा है और राज्य को उद्योगों और निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बनाने की दिशा में सरकार निरंतर काम कर रही है।

विश्व स्तर पर भारत की निवेश क्षमता को प्रोत्साहन

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत में व्यापार करने के लिए हर प्रकार का अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। उनकी सरकार द्वारा किए गए नीतिगत सुधारों और व्यापार को आसान बनाने के उपायों से देश की स्थिति एक प्रमुख वैश्विक निवेश स्थल के रूप में मजबूत हुई है। उन्होंने कहा, “भारत अब निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बन चुका है, और इसमें मध्य प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण है।”

मध्य प्रदेश में आने वाले समय में और भी बदलाव की संभावना

समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में आने वाले समय में और भी बड़े बदलाव होंगे, खासकर जब बात रोजगार सृजन, उद्योगों के विकास और बुनियादी ढांचे के निर्माण की हो। उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि वे अधिक से अधिक उद्योगों को राज्य में लाने के लिए नए तरीके खोजे और यह सुनिश्चित करें कि राज्य का विकास पूरे देश के लिए एक मॉडल बने।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मध्य प्रदेश में आयोजित ‘इन्वेस्ट मध्य प्रदेश – ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2025’ का उद्घाटन राज्य के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। इस समिट ने न केवल निवेशकों को राज्य के विकास में भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया, बल्कि यह भारत की अर्थव्यवस्था की वैश्विक भूमिका को और भी मजबूत करेगा। मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश ने अपनी आर्थिक दिशा और उद्देश्य स्पष्ट कर दिया है, और आने वाले वर्षों में यह राज्य न केवल भारत बल्कि पूरे एशिया में एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में उभरने वाला है।

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वेंचुरा सिक्योरिटीज ने पार्क मेडी वर्ल्ड को बाय रेटिंग दी, निवेश में 38 फीसदी उछाल की संभावना

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वेंचुरा सिक्योरिटीज ने पार्क मेडी वर्ल्ड को बाय रेटिंग दी, निवेश में 38 फीसदी उछाल की संभावना

निवेशक हमेशा ऐसे स्टॉक्स की तलाश में रहते हैं जिनमें भविष्य में अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना हो। इसी कड़ी में पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड कंपनी का शेयर भी चर्चा में है। ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा सिक्योरिटीज ने इस स्टॉक को कवर करना शुरू किया है और इसे ‘Buy’ कैटेगरी में रखा है। फर्म ने शेयर के लिए 284 रुपये का टारगेट तय किया है, जो मौजूदा कीमत के मुकाबले लगभग 38 प्रतिशत तक की तेजी का संकेत देता है।

वेंचुरा ने शेयर पर जताया भरोसा, अगले 24 महीनों की भविष्यवाणी

वेंचुरा सिक्योरिटीज के अनुसार, पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड आने वाले 24 महीनों में निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे सकता है। फर्म ने कंपनी की क्षमता और हेल्थकेयर सेक्टर में स्थिर ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए पॉजिटिव राय दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी का ऑपरेटिंग मॉडल लागत के बेहतर उपयोग पर आधारित है, जिससे आने वाले समय में प्रदर्शन में और सुधार देखने को मिल सकता है। इस भरोसे के चलते ब्रोकरेज ने इसे अपनी पसंदीदा शेयरों की लिस्ट में शामिल किया है।

वेंचुरा सिक्योरिटीज ने पार्क मेडी वर्ल्ड को बाय रेटिंग दी, निवेश में 38 फीसदी उछाल की संभावना

कंपनी की रणनीति और प्रदर्शन से निवेशकों को लाभ

पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड लगातार अपनी उत्पादन क्षमता और सेवा विस्तार पर जोर दे रही है। हेल्थकेयर सेक्टर में स्थिर ग्रोथ और लागत नियंत्रण के कारण कंपनी भविष्य में और मजबूत हो सकती है। शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन भी सकारात्मक संकेत दे रहा है। 17 दिसंबर 2025 को लिस्ट होने के बाद कंपनी शेयर में लगातार सुधार देखा गया है। पिछले तीन महीनों में 35 प्रतिशत की तेजी और एक महीने में लगभग 7 प्रतिशत की उछाल ने निवेशकों का ध्यान इस स्टॉक की ओर खींचा है।

शेयर बाजार में कंपनी का हाल और निवेश की संभावनाएं

बीएसई पर बुधवार, 25 मार्च को पार्क मेडी वर्ल्ड के शेयर 2.49 प्रतिशत या 5.10 रुपये गिरकर 200.05 रुपये पर बंद हुए। दिन का इंट्रा-डे हाई 208.05 रुपये रहा। कंपनी का मार्केट कैप 8,640.78 करोड़ रुपये है। निवेशकों के लिए यह स्टॉक खास इसलिए भी है क्योंकि हेल्थकेयर सेक्टर में स्थिर ग्रोथ के साथ कंपनी के शेयर में अगले 24 महीनों में 38 प्रतिशत तक की तेजी की संभावना जताई जा रही है। इस लिहाज से यह शेयर निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है।

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अब PNG में स्विच न करने पर घरों को तीन महीने में LPG सप्लाई बंद कर दिया जाएगा

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अब PNG में स्विच न करने पर घरों को तीन महीने में LPG सप्लाई बंद कर दिया जाएगा

सरकार ने नए आदेश के तहत स्पष्ट किया है कि जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्टिविटी उपलब्ध है, वहां एलपीजी (LPG) सप्लाई तीन महीने के भीतर बंद कर दी जाएगी यदि उपभोक्ता PNG में स्विच नहीं करते। यह कदम गैस नेटवर्क के विस्तार को तेज करने और ईंधन विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, विश्वभर में वेस्ट एशिया में युद्ध और आपूर्ति बाधाओं के कारण LPG की कमी बनी हुई है। PNG कनेक्शन सीधे घर तक सप्लाई करता है, जिससे सिलेंडर बुक करने की आवश्यकता खत्म हो जाती है और घरेलू ऊर्जा उपयोग में आसानी आती है।

पेट्रोलियम मंत्रालय का आदेश और नियम

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नेचुरल गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण (पाइपलाइन और अन्य सुविधाओं के निर्माण, संचालन और विस्तार) आदेश, 2026 जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि अगर किसी घर ने PNG कनेक्शन नहीं लिया और यह तकनीकी रूप से संभव है, तो तीन महीने के बाद LPG सप्लाई रोक दी जाएगी। तकनीकी रूप से कनेक्शन संभव न होने पर उपभोक्ता को नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया जाएगा और LPG सप्लाई जारी रहेगी। आदेश का मकसद पाइपलाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित करना, अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाना और उपभोक्ताओं को PNG की ओर प्रेरित करना है।

अब PNG में स्विच न करने पर घरों को तीन महीने में LPG सप्लाई बंद कर दिया जाएगा

सरकार का उद्देश्य और ऊर्जा सुरक्षा

सरकार का यह कदम उन क्षेत्रों में LPG आपूर्ति को मुक्त करने के लिए है, जहां PNG कनेक्टिविटी उपलब्ध है। इसका उद्देश्य LPG को उन क्षेत्रों में स्थानांतरित करना है जहां पाइपलाइन नहीं है। साथ ही यह ईंधन विविधीकरण और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास है। तेल सचिव नीरज मित्तल ने कहा, “इस संकट को अवसर में बदला गया है।” अब घरों को PNG कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और केवल उन घरों को LPG सिलेंडर सप्लाई मिलेगा, जहां PNG कनेक्शन तकनीकी रूप से उपलब्ध नहीं है।

आदेश में समय सीमा और जिम्मेदारियां

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पाइपलाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर के रोलआउट के लिए सार्वजनिक प्राधिकरणों को समयबद्ध अनुमति देनी होगी। आवासीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की अनुमति तीन कार्यदिवसों में और अंतिम मील PNG कनेक्शन 48 घंटे में उपलब्ध कराई जाएगी। पाइपलाइन लगाने में देरी या अनुमति न देने पर अधिकारी नागरिक अदालत के समान शक्तियों के साथ हस्तक्षेप कर सकेंगे। अनुमोदन मिलने के चार महीने के भीतर पाइपलाइन बिछाना अनिवार्य है। PNGRB को इस आदेश के कार्यान्वयन और अनुपालन की निगरानी करने वाला नोडल एजेंसी बनाया गया है।

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गोल्डमैन सैक्स ने भारत की जीडीपी ग्रोथ घटाकर 5.9 प्रतिशत किया, महंगाई बढ़ने का खतरा

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गोल्डमैन सैक्स ने भारत की जीडीपी ग्रोथ घटाकर 5.9 प्रतिशत किया, महंगाई बढ़ने का खतरा

गोल्डमैन सैक्स ने कारोबारी साल 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाकर 5.9 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले बैंक ने 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया था। इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। बैंक के विश्लेषकों ने कहा कि ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे भारत की आर्थिक वृद्धि पर असर पड़ेगा।

तेल की बढ़ती कीमतों और मुद्रा में गिरावट ने बढ़ाई आर्थिक चुनौतियां

गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट के अनुसार ब्रेंट क्रूड की कीमत मार्च में 105 डॉलर और अप्रैल में 115 डॉलर प्रति बैरल रहेगी। इसके अलावा साल की चौथी तिमाही में यह गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल हो जाएगी। विदेशी मुद्रा में बढ़ी लागत और रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 93-95 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया है। इससे आयात महंगा हुआ है और मुद्रास्फीति बढ़ने की संभावना है। बैंक ने कहा कि 2026 में मुद्रास्फीति 4.6 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जो भारतीय रिजर्व बैंक की स्वीकार्य सीमा के भीतर है।

गोल्डमैन सैक्स ने भारत की जीडीपी ग्रोथ घटाकर 5.9 प्रतिशत किया, महंगाई बढ़ने का खतरा

चालू खाता घाटा और रेपो दर में संभावित बदलाव

गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि 2026 में भारत का चालू खाता घाटा GDP का 2 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 में यह 1.3 प्रतिशत था। मुद्रा में गिरावट और तेल की बढ़ी कीमतें आम आदमी और उद्योग दोनों पर दबाव डाल सकती हैं। इस वजह से भारतीय रिजर्व बैंक संभवतः मौद्रिक नीति में बदलाव करेगा और रेपो दर में 50 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि कर सकता है। इससे कर्ज महंगा होगा और महंगाई पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

आम आदमी पर असर और कंपनियों की रणनीति

महंगाई में वृद्धि से आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा। कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स और कई अन्य कंपनियों के मुनाफे को प्रभावित करेंगी। कंपनियां इसे महंगाई के जरिए ग्राहकों पर डाल सकती हैं। पहले अनुमान था कि RBI रेपो दर में कटौती करेगा, लेकिन अब 0.50 प्रतिशत बढ़ोतरी की संभावना है। इससे घरेलू बाजार में वित्तीय रणनीति और निवेश योजनाओं पर भी असर पड़ेगा।

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