पंडवानी की महान कलाकार डॉ. तीजन बाई का निधन, प्रधानमंत्री मोदी ने दी श्रद्धांजलि

छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई का 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने शनिवार देर रात रायपुर एम्स में अंतिम सांस ली। उनके निधन से भारतीय लोक कला जगत को गहरा आघात पहुंचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
रायपुर एम्स में ली अंतिम सांस
प्रसिद्ध लोक कलाकार डॉ. तीजन बाई पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं। शनिवार रात करीब 3:15 बजे उन्होंने रायपुर एम्स में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के कला और संस्कृति जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि तीजन बाई ने अपनी अद्भुत प्रस्तुतियों से छत्तीसगढ़ की पंडवानी लोक कला को वैश्विक पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि उनका निधन कला और संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति है तथा इस दुख की घड़ी में उनकी संवेदनाएं परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।

आज पैतृक गांव गनियारी में होगा अंतिम संस्कार
परिजनों के अनुसार, डॉ. तीजन बाई का अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव गनियारी में किया जाएगा। बड़ी संख्या में कलाकार, प्रशंसक और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंच सकती हैं।
पंडवानी को दिलाई विश्व स्तर पर पहचान
डॉ. तीजन बाई ने अपनी दमदार आवाज, प्रभावशाली अभिनय और विशिष्ट शैली से महाभारत की कथाओं पर आधारित पंडवानी गायन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने देश-विदेश में अनेक मंचों पर प्रस्तुति देकर इस लोक कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
भारतीय लोक कला की अमूल्य धरोहर थीं तीजन बाई
तीजन बाई को भारतीय लोक संस्कृति में उनके असाधारण योगदान के लिए अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले। पद्म विभूषण सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित तीजन बाई का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
