
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पहले जनता के टैक्स का पैसा सैफई जैसे आयोजनों और फिजूलखर्ची वाले कार्यक्रमों में बर्बाद किया जाता था, लेकिन अब वही पैसा जनकल्याण योजनाओं में लगाया जा रहा है। वे DBS कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार और सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा क्षेत्र में कई बड़े सुधार किए हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और विकास की गति तेज हुई है।
डबल इंजन सरकार और ‘2047 के विकसित भारत’ का विजन
मंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में सरकार ने कोई नया टैक्स नहीं लगाया है, बल्कि बजट बढ़ाकर विकास कार्यों को गति दी है। उन्होंने दावा किया कि ‘डबल इंजन सरकार’ 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विधानसभा के एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सच्चे नेता आने वाली पीढ़ियों के बारे में सोचते हैं, जबकि विपक्ष केवल चुनावी राजनीति तक सीमित रहता है। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि समाज को बांटने की राजनीति से कभी राष्ट्र निर्माण नहीं हो सकता।

कॅशलेस मेडिकल स्कीम से शिक्षकों को बड़ी राहत
इस कार्यक्रम में मंत्री ने शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए नई कॅशलेस मेडिकल स्कीम की घोषणा की, जिसका लाभ 1.25 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शिक्षक ही मजबूत शिक्षा व्यवस्था की नींव होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रोफेशनल कोर्स शुरू करना आवश्यक है ताकि छात्र राज्य के विश्वविद्यालयों की ओर आकर्षित हों। मंत्री ने जोर देकर कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और छात्रों की मजबूती के बिना किसी भी राष्ट्र की शक्ति की कल्पना नहीं की जा सकती।
विश्वविद्यालयों का विस्तार और शिक्षा में गुणवत्ता सुधार
मंत्री ने बताया कि 2017 से पहले राज्य में केवल 14 विश्वविद्यालय थे, लेकिन अब हर मंडल में कम से कम एक विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। सरकार ने 10 नए राज्य विश्वविद्यालय स्थापित किए हैं और कई निजी विश्वविद्यालय भी खुले हैं। उन्होंने कहा कि अब राज्य में विश्वस्तरीय संस्थान आ रहे हैं और कई विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में शामिल हो चुके हैं। कार्यक्रम में CSJMU के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि विश्वविद्यालय को NAAC से A++ ग्रेड मिला है और QS व NIRF रैंकिंग में भी स्थान प्राप्त हुआ है, जो शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का प्रमाण है।
