विदेश भेजने के नाम पर 27 युवाओं से ₹19 लाख की ठगी, फर्जी ओवरसीज कंसल्टेंसी चलाने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार

विदेश में नौकरी और मोटी सैलरी का लालच देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की कथित ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी है।
विदेश भेजने के नाम पर रची गई ठगी की साजिश
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के अनुसार, वर्ष 2022-23 के दौरान जनकपुरी स्थित स्काई ब्लू ओवरसीज कंसल्टेंसी नामक कार्यालय के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। आरोप है कि वीजा, मेडिकल, एयर टिकट और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर उनसे बड़ी रकम वसूली गई।
27 पीड़ितों से करीब ₹19 लाख की कथित ठगी
जांच में अब तक 27 पीड़ित सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, इनसे लगभग 19 लाख रुपये की कथित ठगी की गई। आरोपियों ने पीड़ितों के पासपोर्ट भी अपने पास रख लिए और भरोसा दिलाने के लिए मेडिकल परीक्षण तक कराया।
फर्जी वीजा और टिकट देकर किया गुमराह
पुलिस का आरोप है कि पीड़ितों को बाद में फर्जी वीजा और नकली एयर टिकट सौंप दिए गए। जब विदेश भेजने का समय आया, तो आरोपी कथित तौर पर कार्यालय बंद कर फरार हो गए। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की।

फर्जी पहचान से चला रहे थे पूरा नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अलग-अलग नामों और पहचान का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, कार्यालय भी कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किराये पर लिया गया था ताकि लोगों का विश्वास आसानी से जीता जा सके।
नोएडा से मुख्य आरोपी गिरफ्तार
तकनीकी निगरानी, बैंक खातों की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी भरत मिश्रा उर्फ प्रीतम कुमार मिश्रा उर्फ राजेश प्रसाद को 1 जुलाई 2026 को नोएडा के शिव धाम एन्क्लेव से गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी फिलहाल अपने घर से ज्योतिष का कार्य कर रहा था।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
दिल्ली पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश कर रही है। साथ ही ठगी की रकम, बैंक लेनदेन और पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच जारी है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
