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देश के कई राज्यों में भारी बारिश का कहर, चारधाम यात्रा रुकी; नदियां उफान पर

सितंबर के आखिरी दिनों में देश के कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश के कारण जलभराव, नदियों के बढ़ते जलस्तर और सड़क-रेल यातायात पर असर देखने को मिला है। कई जगह प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

उत्तराखंड में रेड अलर्ट, चारधाम यात्रा स्थगित

उत्तराखंड में लगातार बारिश और मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए चारधाम यात्रा को 27 सितंबर तक स्थगित किया गया है। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्गों पर निगरानी बढ़ाई है।

मौसम विभाग के अनुसार 26 और 27 सितंबर को कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुक-रुककर बर्फबारी भी दर्ज की गई। प्रशासन भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए सतर्क है।

यूपी में बारिश और तेज हवाओं से फसलों पर असर

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं ने परेशानी बढ़ाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। कई स्थानों पर जलभराव और मकानों को नुकसान की स्थिति भी बनी है।

बारिश के कारण स्थानीय प्रशासन को निचले इलाकों पर निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव व्यवस्था सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत है।

देश के कई राज्यों में भारी बारिश का कहर, चारधाम यात्रा रुकी; नदियां उफान पर

झारखंड में सुवर्णरेखा और खरकई का जलस्तर बढ़ा

झारखंड में मूसलाधार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। पूर्वी सिंहभूम में सुवर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। कई इलाकों में लोगों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा और वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।

रांची और जमशेदपुर समेत कई क्षेत्रों में बारिश के कारण सामान्य गतिविधियों पर असर पड़ा। बांधों के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई। खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा और रांची एयरपोर्ट से कुछ उड़ानें रद्द होने की जानकारी सामने आई।

ओडिशा में हजारों लोगों को राहत केंद्रों में पहुंचाया गया

ओडिशा में भारी बारिश के कारण दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी है। कई स्थानों पर बहुत अधिक बारिश दर्ज की गई। भूस्खलन के कारण कुछ सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ, जबकि रेलवे सेवाओं पर भी मौसम का असर पड़ा।

प्रशासन ने प्रभावित इलाकों से करीब 14,500 लोगों को 2,061 राहत केंद्रों में पहुंचाया। कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर बताया गया है। राहत केंद्रों में लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है।

मौसम प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा में भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, राज्य के कई इलाकों में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई।

छत्तीसगढ़ में स्कूलों पर भी पड़ा असर

छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए 26 सितंबर को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिला कलेक्टरों को बाढ़ और जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।

बारिश के कारण कई नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा है। निचले इलाकों में पानी भरने और सड़क संपर्क प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

कुछ जिलों में स्थानीय प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने का फैसला भी किया है। बारिश प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

दिल्ली में बारिश से तापमान में गिरावट

राजधानी दिल्ली में भी बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश के कारण मौसम अपेक्षाकृत ठंडा हुआ और लोगों को गर्मी से राहत मिली। राष्ट्रीय राजधानी में मौसम की गतिविधियों के बीच आने वाले दिनों में भी बारिश और बादलों की स्थिति पर नजर बनी हुई है।

कुल मिलाकर सितंबर के अंतिम दिनों में देश के पूर्वी, मध्य और उत्तरी हिस्सों में मौसम की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। उत्तराखंड में यात्रा पर रोक, झारखंड में बढ़ता नदी जलस्तर, ओडिशा में राहत केंद्रों में लोगों का स्थानांतरण और छत्तीसगढ़ में स्कूल बंद किए जाने जैसे कदम बताते हैं कि प्रशासन कई क्षेत्रों में एहतियात बरत रहा है। आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता और स्थानीय जलस्तर के आधार पर स्थिति में बदलाव हो सकता है।

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