बिहार DGP विनय कुमार ने लिया VRS, बने राज्य के नए मुख्य सूचना आयुक्त

बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने दिसंबर में होने वाली निर्धारित सेवानिवृत्ति से पहले ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS ले लिया है। राज्य सरकार ने उनका VRS तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया। इसके साथ ही 1991 बैच के IPS अधिकारी विनय कुमार को बिहार का नया मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है।
तीन महीने की नोटिस अवधि में मिली छूट
राज्य के गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, विनय कुमार ने 25 सितंबर को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था। सामान्य नियमों के तहत VRS के लिए तीन महीने की नोटिस अवधि का प्रावधान है, लेकिन सरकार ने इस मामले में नियमों में छूट देते हुए उनका आवेदन तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।
इस फैसले के बाद उनका DGP के रूप में कार्यकाल निर्धारित समय से पहले समाप्त हो गया। उनका नियमित कार्यकाल दिसंबर 2026 तक था।
VRS के बाद तुरंत मिली नई जिम्मेदारी
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अलग अधिसूचना में विनय कुमार को बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई है। उनका कार्यकाल पदभार संभालने की तारीख से शुरू होगा।
मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब बिहार राज्य सूचना आयोग में यह पद कुछ समय से रिक्त था। इससे पहले 25 सितंबर को हुई चयन समिति की बैठक में विनय कुमार के नाम पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई थी। समिति में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शामिल थे।

छुट्टी के बाद बदली भूमिका
विनय कुमार हाल ही में छुट्टी पर गए थे। उनकी अनुपस्थिति में 1991 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को DGP का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। अब VRS मंजूर होने के बाद विनय कुमार के पुलिस महानिदेशक के पद पर लौटने का सवाल खत्म हो गया है और वह नई प्रशासनिक भूमिका संभालेंगे।
रिपोर्टों के अनुसार, विनय कुमार की छुट्टी के दौरान ही उनके VRS और मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हुई। आधिकारिक नियुक्ति के बाद अब सूचना आयोग में उनकी नई भूमिका शुरू होगी।
स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी का भी जिक्र
विनय कुमार के हालिया अवकाश को लेकर मीडिया रिपोर्टों में स्वास्थ्य और निजी कारणों का उल्लेख किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, वह छुट्टी के दौरान चिकित्सा संबंधी उपचार कराने वाले थे। हालांकि, VRS के आधिकारिक आदेश में उनके व्यक्तिगत कारणों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
इसलिए VRS के पीछे किसी एक विशेष कारण को अंतिम रूप से बताना उचित नहीं होगा। आधिकारिक रूप से इतना स्पष्ट है कि उन्होंने 25 सितंबर को VRS के लिए आवेदन किया और सरकार ने नोटिस अवधि में छूट देते हुए इसे तत्काल प्रभाव से मंजूर किया।
अब प्रीता वर्मा संभाल रही हैं DGP का प्रभार
विनय कुमार के छुट्टी पर जाने के बाद से प्रीता वर्मा बिहार DGP का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही हैं। VRS मंजूर होने के बाद राज्य में नियमित DGP की नियुक्ति की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नए DGP के चयन की प्रक्रिया पहले से चल रही है।
अब विनय कुमार की प्रशासनिक पारी पुलिस विभाग से निकलकर सूचना आयोग की ओर बढ़ गई है। मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी राज्य में सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों और अपीलों की सुनवाई से संबंधित होगी।
