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Gold prices: रिकॉर्ड स्तर से फिसला भाव, घरेलू बाजार में मुनाफावसूली का असर

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Gold prices: रिकॉर्ड स्तर से फिसला भाव, घरेलू बाजार में मुनाफावसूली का असर

Gold prices: शुक्रवार को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। घरेलू वायदा बाजार में मुनाफावसूली के चलते सोने के दाम में कमी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल 4 कॉन्ट्रैक्ट के लिए सोने की कीमत शुक्रवार सुबह 11:52 बजे 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹88,366 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रही थी। पिछले सत्र में एमसीएक्स गोल्ड की कीमत ₹89,796 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी, जो कि रिकॉर्ड स्तर था।

मुनाफावसूली के कारण कीमतों में गिरावट

शुक्रवार को सोने की कीमत में आई गिरावट का मुख्य कारण उच्च स्तर पर हुई मुनाफावसूली है। निवेशकों ने उच्च भाव पर मुनाफा बुक किया, जिससे कीमतें फिसल गईं। हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर इंडेक्स में स्थिरता के चलते सोने की कीमतों में मजबूत रुझान बना हुआ है।

गोल्ड मार्केट में मजबूती के पीछे कारण

  1. वैश्विक अनिश्चितता:
    हाल के दिनों में वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प (सेफ हेवन) की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने की मांग में तेजी आई है।

  2. फेडरल रिजर्व का ब्याज दर कटौती का संकेत:
    अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती के संकेत ने डॉलर को कमजोर किया है। इससे सोने की कीमतों में तेजी देखी गई थी, लेकिन अब मुनाफावसूली के चलते कीमतों में गिरावट आई है।

  3. गाजा संघर्ष का असर:
    गाजा पट्टी में फिर से बढ़ते तनाव ने सोने को मजबूती दी थी। संकट के कारण निवेशकों ने सोने को सुरक्षित निवेश माना, जिससे कीमतें चढ़ी थीं, लेकिन अब मुनाफावसूली के कारण गिरावट दिखी है।

Gold prices: रिकॉर्ड स्तर से फिसला भाव, घरेलू बाजार में मुनाफावसूली का असर

मुख्य शहरों में सोने की कीमतें

1. दिल्ली:

  • 24 कैरेट गोल्ड: ₹9,037 प्रति ग्राम
  • 22 कैरेट गोल्ड: ₹8,285 प्रति ग्राम
  • 18 कैरेट गोल्ड: ₹6,779 प्रति ग्राम

2. मुंबई:

  • 24 कैरेट गोल्ड: ₹9,022 प्रति ग्राम
  • 22 कैरेट गोल्ड: ₹8,270 प्रति ग्राम
  • 18 कैरेट गोल्ड: ₹6,767 प्रति ग्राम

3. कोलकाता:

  • 24 कैरेट गोल्ड: ₹9,022 प्रति ग्राम
  • 22 कैरेट गोल्ड: ₹8,270 प्रति ग्राम
  • 18 कैरेट गोल्ड: ₹6,767 प्रति ग्राम

4. चेन्नई:

  • 24 कैरेट गोल्ड: ₹9,022 प्रति ग्राम
  • 22 कैरेट गोल्ड: ₹8,270 प्रति ग्राम
  • 18 कैरेट गोल्ड: ₹6,825 प्रति ग्राम

सोने में निवेश का रुझान

विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर में उतार-चढ़ाव के कारण सोने की कीमत में तेजी देखी जा सकती है। हालांकि, घरेलू बाजार में मुनाफावसूली के कारण अस्थायी गिरावट जारी रह सकती है।

भविष्य में सोने की कीमतों का रुझान

  • विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीति बैठक में ब्याज दरों पर लिए जाने वाले निर्णय का असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।
  • यदि ब्याज दरों में कटौती होती है, तो डॉलर में कमजोरी आएगी और सोने की कीमतों में तेजी देखी जा सकती है।
  • इसके विपरीत, यदि ब्याज दरें स्थिर रहती हैं, तो सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

निवेशकों के लिए सुझाव

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा कीमतों पर निवेशकों को खरीदारी में सतर्कता बरतनी चाहिए। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का मौका हो सकता है, जबकि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को मुनाफावसूली का लाभ उठाना चाहिए।

शुक्रवार को सोने की कीमत में गिरावट देखी गई, जिसका मुख्य कारण मुनाफावसूली रहा। हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव के कारण सोने की कीमतों में दीर्घकालिक मजबूती बनी रह सकती है। निवेशकों को सोने में निवेश करते समय सावधानी बरतने और बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

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मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में हलचल, $200 प्रति बैरल तक जा सकती हैं कीमतें

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मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में हलचल, $200 प्रति बैरल तक जा सकती हैं कीमतें

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता और बेचैनी बढ़ा दी है। निवेश बैंक मैक्वेरी ग्रुप ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $200 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। यह स्थिति न केवल ऊर्जा बाजार, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकती है।

दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान से जुड़े मौजूदा तनाव और संभावित संघर्ष के कारण इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, जिससे सप्लाई में भारी कमी आ सकती है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रेडर्स पहले ही अनुमान लगा रहे हैं कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें निकट भविष्य में $150 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। फिलहाल कीमतें करीब $107 प्रति बैरल के आसपास हैं, लेकिन हालात बिगड़ने पर यह तेजी से बढ़ सकती हैं।

अगर तेल की कीमतें $150 से $200 के बीच लंबे समय तक बनी रहती हैं, तो इसका सीधा असर महंगाई, परिवहन लागत और उत्पादन खर्च पर पड़ेगा। इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ेगा और कई देशों की आर्थिक वृद्धि प्रभावित हो सकती है।

भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। बढ़ती कीमतों से पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं और सरकारी वित्तीय संतुलन पर असर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट का यह संकट आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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शेयर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट निवेशकों के लाखों करोड़ों डूबने का खतरा बढ़ा

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शेयर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट निवेशकों के लाखों करोड़ों डूबने का खतरा बढ़ा

दो दिनों की मजबूत तेजी के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ता गया और अंततः दिन के अंत तक निवेशकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। सेंसेक्स करीब 1,690 अंक टूटकर 73,583 के स्तर पर बंद हुआ जबकि निफ्टी भी 486 अंक गिरकर 22,819 पर आ गया। इस गिरावट ने बाजार के पूरे सेंटिमेंट को बदल दिया और तेजी का माहौल अचानक कमजोर पड़ गया। निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई और कई लोगों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।

लगभग सभी सेक्टर्स में गिरावट मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में

शुक्रवार को बाजार के लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। खासतौर पर PSU बैंक और रियल्टी सेक्टर में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटो, प्राइवेट बैंक, कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी करीब 2 प्रतिशत तक की कमजोरी देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी इस गिरावट से अछूते नहीं रहे जहां मिडकैप इंडेक्स लगभग 2.2 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 1.7 प्रतिशत गिर गया। व्यापक स्तर पर हुई इस गिरावट ने संकेत दिया कि बाजार में दबाव केवल कुछ सेक्टर तक सीमित नहीं था बल्कि यह पूरे बाजार में फैला हुआ था।

शेयर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट निवेशकों के लाखों करोड़ों डूबने का खतरा बढ़ा

प्रॉफिट बुकिंग और वैश्विक संकेतों का मिला संयुक्त असर

विशेषज्ञों के अनुसार पिछले दो कारोबारी दिनों में बाजार में लगभग 3.5 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली थी जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया। इसी प्रॉफिट बुकिंग का असर बाजार पर साफ दिखाई दिया और कई प्रमुख शेयरों में तेजी से गिरावट आई। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर भी नकारात्मक संकेतों ने बाजार पर दबाव बढ़ाया। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिका तथा ईरान के बीच अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी ने भी भारतीय बाजार को प्रभावित किया।

कच्चे तेल की कीमतों से बढ़ी चिंता भविष्य को लेकर अनिश्चितता कायम

कच्चे तेल की कीमतों का $100 प्रति बैरल के ऊपर बने रहना भी बाजार के लिए चिंता का प्रमुख कारण बना हुआ है। महंगे तेल से महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है जिससे कंपनियों की लागत और मुनाफे पर असर पड़ सकता है। इसी कारण निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बचते नजर आ रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में बाजार में उतार चढ़ाव जारी रह सकता है और यह वैश्विक परिस्थितियों तथा कच्चे तेल की कीमतों पर काफी हद तक निर्भर करेगा। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात सुधरते हैं और तेल की कीमतों में गिरावट आती है तो बाजार में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।

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वेंचुरा सिक्योरिटीज ने पार्क मेडी वर्ल्ड को बाय रेटिंग दी, निवेश में 38 फीसदी उछाल की संभावना

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वेंचुरा सिक्योरिटीज ने पार्क मेडी वर्ल्ड को बाय रेटिंग दी, निवेश में 38 फीसदी उछाल की संभावना

निवेशक हमेशा ऐसे स्टॉक्स की तलाश में रहते हैं जिनमें भविष्य में अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना हो। इसी कड़ी में पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड कंपनी का शेयर भी चर्चा में है। ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा सिक्योरिटीज ने इस स्टॉक को कवर करना शुरू किया है और इसे ‘Buy’ कैटेगरी में रखा है। फर्म ने शेयर के लिए 284 रुपये का टारगेट तय किया है, जो मौजूदा कीमत के मुकाबले लगभग 38 प्रतिशत तक की तेजी का संकेत देता है।

वेंचुरा ने शेयर पर जताया भरोसा, अगले 24 महीनों की भविष्यवाणी

वेंचुरा सिक्योरिटीज के अनुसार, पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड आने वाले 24 महीनों में निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे सकता है। फर्म ने कंपनी की क्षमता और हेल्थकेयर सेक्टर में स्थिर ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए पॉजिटिव राय दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी का ऑपरेटिंग मॉडल लागत के बेहतर उपयोग पर आधारित है, जिससे आने वाले समय में प्रदर्शन में और सुधार देखने को मिल सकता है। इस भरोसे के चलते ब्रोकरेज ने इसे अपनी पसंदीदा शेयरों की लिस्ट में शामिल किया है।

वेंचुरा सिक्योरिटीज ने पार्क मेडी वर्ल्ड को बाय रेटिंग दी, निवेश में 38 फीसदी उछाल की संभावना

कंपनी की रणनीति और प्रदर्शन से निवेशकों को लाभ

पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड लगातार अपनी उत्पादन क्षमता और सेवा विस्तार पर जोर दे रही है। हेल्थकेयर सेक्टर में स्थिर ग्रोथ और लागत नियंत्रण के कारण कंपनी भविष्य में और मजबूत हो सकती है। शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन भी सकारात्मक संकेत दे रहा है। 17 दिसंबर 2025 को लिस्ट होने के बाद कंपनी शेयर में लगातार सुधार देखा गया है। पिछले तीन महीनों में 35 प्रतिशत की तेजी और एक महीने में लगभग 7 प्रतिशत की उछाल ने निवेशकों का ध्यान इस स्टॉक की ओर खींचा है।

शेयर बाजार में कंपनी का हाल और निवेश की संभावनाएं

बीएसई पर बुधवार, 25 मार्च को पार्क मेडी वर्ल्ड के शेयर 2.49 प्रतिशत या 5.10 रुपये गिरकर 200.05 रुपये पर बंद हुए। दिन का इंट्रा-डे हाई 208.05 रुपये रहा। कंपनी का मार्केट कैप 8,640.78 करोड़ रुपये है। निवेशकों के लिए यह स्टॉक खास इसलिए भी है क्योंकि हेल्थकेयर सेक्टर में स्थिर ग्रोथ के साथ कंपनी के शेयर में अगले 24 महीनों में 38 प्रतिशत तक की तेजी की संभावना जताई जा रही है। इस लिहाज से यह शेयर निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है।

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